- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
- बसंत पंचमी पर महाकाल दरबार पीले रंग में सजा, आज से होली तक रोज अर्पित होगा गुलाल
- महाकाल मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; शेषनाग मुकुट और रजत मुण्ड माला में सजे बाबा महाकाल
- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
छोटे पुल से 12 फीट ऊपर शिप्रा, मंदिर डूबे
शहर में बारिश का आंकड़ा ३७ इंच के पार हो गया है। मौसम विभाग की यदिमाने तो जिस तरह से बारिश का सिलसिला जारी है उससे यह आंकड़ा 40 इंच तक भी पहुुंच सकता है। इधर बीती रात से आज सुबह 8 बजे तक दो इंच से अधिक बारिश जीवाजीराव वेधशाला में दर्ज की गई है।
उज्जैन:रविवार से लेकर सोमवार सुबह तक जिस तरह लगातार बारिश हो रही है, उससे जिला प्रशासन ने सोमवार को स्कूलों में अवकाश भी घोषित कर दिया। लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों का कहना है कि बारिश अब राहत नहीं बल्कि आफत बन गई है। शिप्रा का जल स्तर कल रात से ही बढ़ा हुआ है और रामघाट, शिप्रा तट स्थित मंदिर जलमग्न है।
जीवााजीराव वेधशाला के प्रेक्षक दीपक गुप्ता ने अक्षरविश्व को बताया कि मानसून सक्रिय है तथा आगामी दो दिनों तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश की संभावना है। हवा का दबाव बिल्कुल भी नहीं है, इसके चलते आगामी दो दिनों तक अच्छी बारिश होगी। इधर पीएचई के सहायक यंत्री नरेश कुंवाल ने अक्षरविश्व को बताया कि आज सुबह ६ बजे गंभीर जलाशय का दो नंबर गेट एक मीटर तक खोला गया है। जिस तरह से पानी की आवक जलाशय में हो रही है, उससे आज देर दोपहर बाद ही गेट बंद किया जा सकेगा।
एक माह में 16 बार खोले गंभीर के गेट
कुवाल के अनुसार ७ अगस्त को पहली बार गंभीर डेम के गेट खोले थे। इसके बाद तब से लेकर आज पूरे एक माह के दौरान १६ बार गंभीर के गेट खोले जा चुके है। बता दें कि गंभीर जलाशय की क्षमता २२५० एमसीएफटी है तथा इस लेवल को बनाए रखने के लिए ही जलाशय के गेट खोले जाते है।
तीन ग्रहों की युति, 14 सितंबर तक बारिश
ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि सूर्य, मंगल और बुध ग्रहों की युति चल रही है और यही त्रिग्रही युति के कारण बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि यह युति १५ सितंबर तक रहेगी और इसी दिन तक बारिश होने का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद बारिश का सिलसिला लगभग थमने लगेगा।