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जन्माष्टमी पर भगवान पहनेगें सिल्क और रेशम से बनी पोशाक:इस्कॉन मंदिर में भगवान की पोशाक तैयार करने में डेढ़ महिने से जुटे 10 कारीगर
र में भगवान श्री कृष्ण की पोशाक तैयार करने वाले निर्मल आनंद दास ने बताया कि डेढ़ महिने से भगवान की पोशाक तैयार हो रही है। दस कारीगर जुटे है। भगवान की पोशाक के लिए मुबंई से मंगवाया जाता है। यह धागा जापानी धागे के नाम से जाना जाता है। वहीं सिल्क का कपड़ दिल्ली से मंगवाया है। इसके अलावा पोशाक में लगने वाले नगीने, डायमंड भी बाहर से ही मंगवाए जाते है। भगवान की पोशाक में इस बार मयूर की डिजाइन दिखाई देगी। सभी कारीगर पोशाक को फाइनल टच देने में जुटे है। इस बार राधा अष्टमी के पर्व के लिए भी राधारानी के लिए विशेष पोशाक तैयार की जा रही है। निर्मल आनंद दास ने बताया कि हर बार पोशाक को नए डिजाइन में तैयार करते हैं। इस बार भगवान की पोशाक में फूल और मोर की डिजाइन बनाई है। भगवान की पोशाक में लगने वाला मटेरियल आमतौर पर बिकने वाले सिल्क से चार गुना महंगा होता है। इसका वजन भी कम होता है।

इस्कॉन जन्माष्टमी पर्व पर विभिन्न स्पर्धा भी होगी-
इस्कॉन मंदिर के पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया कि में इस बार जन्माष्टमी पर मंदिर में 6 सितंबर की शाम को अधिवास से शुभारंभ होगा। शाम 5 बजे कृष्ण व्यंजन महोत्सव, 5:40 पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें। 7 सितंबर की प्रात: 4:30 बजे मंगल आरती से जन्माष्टमी उत्सव आरम्भ होगा। जिसमें प्रात: 7:05 पर कृष्ण जन्म कथा तथा 8:05 पर गुरुपूजा एवं दर्शन आरती होगी। भगवान के पट दिनभर खुले रहेंगे। संध्या 5 बजे से श्रद्धालु अपने हाथों से भगवान का अभिषेक कर सकेंगे। रात्रि 8 बजे श्री कृष्ण की लीला पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम रात्रि 10:30 बजे तथा रात्रि 12 बजे महाआरती होगी।