- कार्तिक आर्यन ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, शयन आरती में हुए शामिल; ओडिशा के मंत्री ने भी भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- उज्जैन फ्रीगंज में ड्राई फ्रूट्स दुकान में भीषण आग: तीन दमकलों की मदद से बुझाई गई, शॉर्ट सर्किट की आशंका
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 21-07-2026
- नशामुक्ति अभियान को मिला जनसमर्थन, 1200 विद्यार्थियों ने रैली निकालकर दिया जागरूकता का संदेश
- उज्जैन नगर निगम में 57 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने जारी किए आदेश; सिंहस्थ-2028 से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
चंद्र ग्रहण के कारण एक दिन के अंतराल के बाद बुधवार को शहर में धुलेंडी पूरे उल्लास के साथ मनाई गई। रंगों के इस पर्व ने सुबह से ही माहौल को उत्सव में बदल दिया। बच्चे, महिलाएं, पुरुष और खासकर युवाओं में जबरदस्त जोश देखने को मिला।
धार्मिक नगरी उज्जैन में उत्साह उस समय और बढ़ गया जब साधु-संत भी रंगों की मस्ती में शामिल हो गए। संतों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली टोलियां
सुबह होते ही शहर की गलियों में बच्चों की चहल-पहल शुरू हो गई। कई स्थानों पर युवाओं की टोलियां ढोल की थाप पर घर-घर पहुंचीं और रंग-गुलाल के साथ होली का आनंद लिया।
अखाड़ों में भी जमी होली की महफिल
शिप्रा नदी तट स्थित बड़ा उदासीन अखाड़ा भी रंगोत्सव का केंद्र बना रहा। यहां साधु-संतों के बीच परंपरागत अंदाज में होली खेली गई। गुजिया और चाय के साथ भांग की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे उत्सव का रंग और गहरा हो गया।
इस अवसर पर स्थानीय संतों के साथ प्रयागराज और हरिद्वार से आए पंच परमेश्वर भी मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
दो दिन तक मनाया गया रंगोत्सव
हालांकि कुछ लोगों ने मंगलवार को भी होली खेली थी। इसी कारण इस वर्ष शहर में धुलेंडी का रंग दो दिन तक देखने को मिला। कुल मिलाकर उज्जैन में होली का पर्व इस बार विशेष उत्साह और धार्मिक रंग के साथ मनाया गया।