- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
- भारतीय टीम के खिलाड़ी नितेश कुमार रेड्डी पहुंचे महाकाल मंदिर, भस्म आरती में हुए शामिल!
- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
जांच पूरी:महिदपुर बीआरसी देवड़ा ने स्वीकारा, 6 हजार रुपए में कबाड़ी को बेची थी किताबें और दस्तावेज
- जांच के बाद कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग ने जिपं सीईओ को भेजी फाइल
शासकीय स्कूलों में वितरित होने वाली किताबों को कबाड़ में बेचने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से गठित कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। जांच के दौरान महिदपुर बीआरसी ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने 6 हजार रुपए में किताबों के साथ कुछ अन्य दस्तावेज कबाड़ी को बेचे थे। पूछताछ के दौरान कबाड़ी शाकिर खान ने बताया था कि किताबें महिदपुर के बीआरसी कार्यालय से खरीदी थी।
डीईओ आनंद शर्मा के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों ने पंचनामा बनाकर 11 बोरे किताबें व अन्य दस्तावेज जब्त किए थे। साथ ही एक कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि महिदपुर बीआरसी रमेशचंद्र देवड़ा ने ही 6 हजार रुपए में यह किताबें कबाड़ में करीब 8 दिन पहले बेच दी थी। इसमें मौजूदा शिक्षा सत्र 2022-23 की किताबें भी शामिल थी। इसके अलावा कुछ विभागीय दस्तावेज भी थे।
जांच में बीआरसी देवड़ा ने यह स्वीकार किया कि किताबें गीली हो जाने और बदबू आने की वजह से उन्होंने किताबें बेची थी। डीईओ शर्मा ने बताया जांच पूरी हो गई है। जांच में बीआरसी की लापरवाही सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को फाइल भेज दी गई है।