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जिला अस्पताल में पहले ही स्टाफ की कमी:प्रभारी सीएमएचओ ने खुद के नाम लिखा पत्र, डॉक्टर और स्टाफ की डिमांड की
सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. पीएन वर्मा के पास ही सीएमएचओ का प्रभार है। दोनों दायित्व होने के बावजूद उन्होंने पत्र जारी कर सर्जन व चिकित्सा विशेषज्ञ सहित 60 लोगों के स्टाफ की डिमांड सीएमएचओ से कर दी है। यह तर्क भी दिया कि जिला अस्पताल में पहले से ही डॉक्टर व स्टाफ की कमी बनी हुई है। सिविल सर्जन की ओर से सीएमएचओ को पत्र जारी कर लिखा है कि 30 नवंबर को भारत जोड़ो यात्रा के आगमन को देखते हुए वीवीआईपी के लिए स्वास्थ्य संबंधी इंतजाम किए जाना है।
वीवीआईपी के कारकेट, खाने की टेस्टिंग व चिकित्सा व्यवस्था संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक व सहयोगी स्टाफ की डयूटी 29 नवंबर की रात से 24 घंटे के लिए करना होगी। जिला अस्पताल में वर्तमान में विशेषज्ञ चिकित्सक, सहयोगी स्टाफ व एम्बुलेंस की कमी हुई है। ऐसे में अतिरिक्त डॉक्टर व स्टाफ उपलब्ध करवाए जाएं। जिला अस्पताल में निश्चेतना विशेषज्ञ नहीं होने की वजह से पिछले 10 दिनों से ऑपरेशन थियेटर में मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। हड्डी रोग विभाग सहित अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज किया जा रहा है।
निश्चेतना विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं करवाए तो होगा आंदोलन
जिला अस्पताल की ओटी में पिछले कई दिनों से मरीजों के ऑपरेशन नहीं होने से मरीजों की फजीहत हो रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि तीन दिन में निश्चेतना विशेषज्ञ (मूर्छित करने वाले) की उपलब्धता नहीं करवाई गई तो आंदोलन किया जाएगा।
अस्पताल में पहले से ही कमी है
“जिले या जिला अस्पताल से डॉक्टर व स्टाफ उपलब्ध करवाएंगे तो स्वास्थ्य संस्थाएं डॉक्टर विहीन हो जाएगी। संयुक्त संचालक व स्वास्थ्य संचालक डॉक्टर उपलब्ध करवाए। जिला अस्पताल में तो पहले से डॉक्टर व स्टाफ की कमी है।”
-डाॅ. पीएन वर्मा, सीएस व प्रभारी सीएमएचओ