- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
जेल में बनी राखियां ही बंधेगी कैदियों की कलाई पर
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में करोड़ों के कार्य हो रहे हैं, लेकिन जगह-जगह तारों का जाल फैला पड़ा है। कई तार तो खुले हुए हैं। इससे नेटवर्किंग ठप हो जाने तथा शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना हुआ है। सावन मास बीतने जा रहा है लेकिन मंदिर प्रशासन के कंट्रोल रूम के बाहर प्रेस गैलरी से मंदिर परिसर में उतरने वाले रास्ते सहित जगह जगह खुले तारों का जाल खतरा बढ़ा रहा है। 2 वर्ष पहले भी मंदिर में खुले तारों के कारण शॉर्ट सर्किट की घटना हो चुकी है। बावजूद इसके खुले हुए तारों को को यहां-वहां छोड़ दिया गया है।
जहां कंट्रोल रूम के बाहर खुले तारों का जाल पड़ा है। वहां प्लास्टिक के पतरे है और ऐसे में यदि शॉर्ट सर्किट हुआ तो आगजनी की घटना भी हो सकती है। मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरुड़ ने कहा कि कंट्रोल रूम के बाहर प्रेस गैलरी के रास्ते पर प्लास्टिक के पत्रों के ऊपर पहले खुले तारों के जाल के संबंध में इंजीनियर को भी अवगत करा दिया है और आज ही टीम बुलाकर इन खुले तारों को कवरिंग करवाते हैं।