- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
ठीक 12 बजे गोपाल मंदिर पर हर का हरि से मिलन…
उज्जैन | वैकुंठ चतुर्दशी पर गुरुवार की रात हजारों भक्तो का हुजूम, फूलों की वर्षा और आतिशबाजी के बीच भगवान महाकाल श्रीहरि विष्णु से मिलने गोपाल मंदिर पहुंचे। रात 11 बजे सवारी मंदिर से शुरू हुई। ठीक 11.58 बजे गोपाल मंदिर पहुंची, जहां हरिहर मिलन हुआ। इस बार प्रशासन की धारा 144 का असर रहा कि प्रतिबंधित हिंगोट जैसे पटाखे नहीं जलाए फिर भी एक रॉकेट से रीगल टॉकीज की छत पर कचरे में आग लग गई थी।
ऐसे मिले हरि से हर
चंद्रमौलेश्वर के मुघौटे को द्वारकाधीश की प्रतिमा के सामने रखा। पुजारियों ने द्वारकाधीश को बिल्वपत्र की माला भेंट की तो महाकाल को तुलसी की माला अर्पित कर हरि-हर मिलन कराया। करीब डेढ़ घंटे के पूजन-अभिषेक के बाद बाबा महाकाल की सवारी पुन: मंदिर पहंुची।