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डामरीकरण का कार्य रुका:सीवरेज से बिगड़ा मंडी की सड़कों का सीमेंट-कांक्रीट व डामरीकरण
सीवरेज ने बिगाड़ी मंडी की सड़कों की मंडी ने सुध लेकर 25 लाख रुपए की लागत से सीमेंट-कांक्रीट और डामरीकरण किया जा रहा है। सीमेंट-कांक्रीट का 120 मीटर का क्षतिग्रस्त
टुकड़ा फिर से बनाया गया है। देखा जाए तो मंडी में करीब 1500 से 2000 ट्राली और 200 से ज्यादा ट्रकों का दिनभर आवागमन होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए फाजलपुरा गेट तरफ जाने वाले इस टुकड़े निर्माण किया गया है।
इधर पानी गिरने से डामरीकरण का कार्य रुका हुआ है। भविष्य में मंडी शहर से बाहर शिफ्ट होगी जबकि इस मंडी में किसानों की सुविधा के लिए वर्षों से करोड़ों रुपए के निर्माण किए गए। उज्जैन मंडी के इंजीनियर गजेंद्र मेहता ने बताया यह नया निर्माण नहीं है। सड़कों के दुरुस्तीकरण के तहत यह कार्य करवाया जा रहा है। इधर मंडी सचिव उमेश कुमार शर्मा बसेड़िया ने किसानों की सुख-सुविधा और उपज के वाहन मंडी में आसानी से आवागमन कर सकें, इसके लिए निर्माण में सतर्कता और गुणवत्ता पर ज्यादा फोकस किया गया है। मंडी में सड़कें अच्छी हालत में थी लेकिन सीवरेज निर्माण से मंडी को उबड़-खाबड़ में बदल दिया था।