- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
डूबने से मौत तो रोक नहीं पाए, अब रपट पर मवेशी भी बन रहे लोगों के लिए खतरा
उज्जैन | श्रावण-भादौ पर शिप्रा स्नान के लिए रामघाट पर देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। इनकी सुविधा और सुरक्षा के लिए निगम कितनी मुस्तैद है इस फोटो से साफ हो जाता है। यहां घाटों पर फिसलन होने और पानी की गहराई बताने वाले बोर्ड नहीं होने से लोग डूब रहे हैं। अब यहां मवेशी भी छोड़ दिए, जो सींग उठाकर श्रद्धालुओं के पीछे दौड़ रहे हैं। इनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अपर आयुक्त विशालसिंह चौहान ने बताया मवेशी गैंग द्वारा रोज पशु पकड़े जाते हैं। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी की जा रही है। तैराक तैनात होंगे। सफाई की व्यवस्था भी है। मवेशियों की रोकथाम भी की जाएगी।