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ड्रायवर और कंडक्टर ने मिलकर की शताब्दी बस के क्लीनर की हत्या
उज्जैन। चंदूखेड़ी के पास जिस युवक को पुलिस ने घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया था, उसकी मौत हो गई है। युवक की मौत से मंगलवार को उसके पिता ने पर्दा उठाया और जाहिर किया कि मृृतक शताब्दी बस का क्लीनर था और उसकी हत्या ड्रायवर और कंडक्टर ने सिर पर रॉड मारकर और गला दबाकर की है। महाकाल थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
24 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली कि 21 वर्षीय एक युवक गंभीर घायल अवस्था में चंदूखेडी के पास सड़क पर पड़ा मिला है। पुलिस ने टोलकर्मियों की मदद से उसे एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया और उसके परिजनों को यूपी के जालौन में सूचना भेजकर बुलवाया। घायल युवक को उसके परिजनों ने उसी दिन फ्रीगंज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे लखनऊ ले जाया जा रहा था, जहां रास्ते में ही उरई के नजदीक युवक ने दम तोड़ दिया।
सिर पर रॉड मारा और गला भी दबाया
अभी हाल ही मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो खुलासा हुआ कि युवक के सिर पर बाईं और रॉड से वार हुए थे, और उसका गला भी दबाया भी गया था। चिकित्सकों ने उसके शव पर सात जगहों पर चोट निशान भी पाए। इस आधार पर यह कहा गया कि युवक की हत्या हुई है।
बस मालिक को सच बताना भारी पड़ा
पिता ने महाकाल थाना में आज सुबह पहुंचकर जो जानकारी दी उससे पुलिस हरकत में आई। मृतक के पिता सुखनंदन ने बताया उसका बेटा सुशील कानपुर से अहमदाबाद जाने वाली शताब्दी बस में क्लीनर था, और वह पल-पल की खबर बस मालिक को देता था। यही वजह थी कि यात्रियों की संख्या और उनसे हो रहे आर्थिक नुकसान को ड्रायवर और कंडक्टर सहन नहीं कर पा रहे थे, इससे उनका कई बार सुशील से विवाद भी हुआ। घटना के एक महीने पहले से सुशील अवकाश पर चला गया था लेकिन जब वह सूरत जाने के लिए वापस ड्यूटी पर आया तब ड्रायवर और कंडक्टर ने सोचा था कि इसे रास्ते से हटाना है।
बस फिर क्या था, बस जब सूरत से कानपुर वापस लौट रही थी तब दोनों ड्रायवर और कंडक्टर ने उज्जैन के नजदीक सुशील सिर पर वारकर और गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। दोनों ड्रायवर-कंडक्टर ने घायल क्लीनर को मरा हुआ समझकर उज्जैन के टोल नाके चंदूखेड़ी के समीप फेंक दिया।। जिसे टोलकर्मियों ने एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान के आधार पर जांच शुरू की है।