- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद रजत चंद्र-त्रिशूल से सजा बाबा का दिव्य रूप, गूंजे जयकारे
- CM मोहन यादव के विजन को रफ्तार: विक्रम विश्वविद्यालय ने शुरू किया अभियान, फार्मा कंपनियों को जोड़ने और स्टूडेंट्स को स्किल्ड बनाने पर फोकस
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर फोकस, अधिकारियों ने किया स्टेशनों का निरीक्षण
तीन हिस्सों में बंटी उज्जैन तहसील, जानिए आपका क्षेत्र किस तहसील में आ रहा है
उज्जैन | राजस्व कामकाज के लिहाज से जिला प्रशासन ने उज्जैन तहसील को तीन भागों में विधिवत रूप से विभक्त कर दिया। पहले एक ही तहसील के अधीन चलने वाले पूरे क्षेत्र का कामकाज अब तीन एसडीएम संभालेंगे। इनमें नगर निगम सीमा क्षेत्र को उज्जैन नगर, कोठी व आसपास के गांवों को कोठी और ग्रामीण अंचल को पृथक अनुविभाग माना जाएगा। इन क्षेत्रों से संबंधित कामकाज के लिए अलग-अलग तहसीलदार रहेंगे। शुक्रवार को कलेक्टर ने शासन की प्रत्याशा में तीन अनुविभागों का निर्धारण कर एसडीएम के बीच नया कार्य विभाजन कर दिया। दावा है कि इससे राजस्व संबंधी कामकाज में सरलता होगी और अधिक समय तक प्रकरण लंबित नहीं रहेंगे।
शासन से अनुविभाग सृजन के आदेश की प्रत्याशा में कलेक्टर शशांक मिश्रा ने अनुविभाग उज्जैन से तहसील उज्जैन नगर और तहसील कोठी महल की सीमा को अलग कर दिया है। नई सीमा निर्धारण के साथ शासन की योजनाओं व प्रकल्पों से संबंधित काम भी एसडीएम के जिम्मे कर दिए गए। लंबे समय से जारी ये कवायद अब जाकर मैदानी अमल में आ सकी है।
किस एसडीएम के जिम्मे क्या
1- उज्जैन शहरी सीमा – एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी
अपने क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, मप्र पंचायतीराज अधिनियम के विहित प्राधिकारी की शक्तियों, विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना, पासपोर्ट सत्यापन, रोगी कल्याण समितियों का कार्य, नजूल अधिकारी, सड़क दुर्घटना प्रकरण, भूअर्जन, खाद्य, आपदा प्राधिकारी, मेला अधिकारी, उज्जैन उत्तर के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, भू अभिलेख संबंधी कार्य। साथ ही थाना महाकाल, खाराकुंआ, कोतवाली, देवासगेट, जीवाजीगंज और भैरवगढ़ संबंधी दंडिक कार्य संभालेंगे।
क्षेत्र सीमा – उज्जैन नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्र व वार्ड।
2 – उज्जैन कोठी महल – एसडीएम संजीव साहू
सभी जरूरी प्रशासनिक कामकाज के साथ तहसील कोठी महल के क्षेत्र के अन्तर्गत माधव नगर, नागझिरी, नानाखेड़ा, नीलगंगा, जीआरपी और महिला थाना संबंधी दाण्डिक शक्तियों का दायित्व निभाएंगे। साथ ही सहायक जिला सत्कार अधिकारी का कार्य भी देखेंगे।
क्षेत्र सीमा – कोठी के आसपास का क्षेत्र विक्रम नगर, करोहन, हामूखेड़ी, नीमनवासा, मालनवासा सहित आसपास के क्षेत्र।
3 – उज्जैन ग्रामीण क्षेत्र – एसडीएम जगदीश मेहरा
पूरे क्षेत्र में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की शक्तियों के साथ थाना क्षेत्र नरवर एवं चिमनगंज मंडी में दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दाण्डिक शक्तियां प्रयोग करने का दायित्व इन्हें सौंपा गया है। साथ ही उज्जैन दक्षिण निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं स्टेशनरी और अन्य कार्य सौंपे गए।
क्षेत्र सीमा- चिंतामण, जवासिया, लेकोड़ा, रत्नाखेड़ी, मोहनपुरा, नलवा, चंदूखेड़ी, धरमबड़ला, कालिया देह सहित अंचल से जुड़े क्षेत्र।
ये रहेंगे लिंक अधिकारी
अधिकारियों के अवकाश की स्थिति में एक-दूसरे के लिंक अधिकारी भी तय किए गए। एसडीएम जगदीश मेहरा के लिंक अधिकारी राकेश मोहन त्रिपाठी और त्रिपाठी के लिंक अधिकारी संजीव साहू रहेंगे। वहीं साहू के लिंक अधिकारी मेहरा रहेंगे। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर शैली कनाश और मुनीषसिंह सिकरवार आपस में एक-दूसरे के लिंक अधिकारी रहेंगे।