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फिल्म दंगल व सुल्तान के रैफरी शहर के खिलाड़ियों को सिखा रहे कुश्ती के दांव-पेंच
उज्जैन | दंगल में गीता और सुल्तान में सलमान को कुश्ती के दांव सिखाने वाले वीरेंद्र निचित उज्जैन के पहलवानों को नेशनल और कॉमन वैल्थ गेम्स में भागीदारी के लिए तैयार कर रहे हैं। निचित ने रेसलिंग के खेल पर बनी इन दोनों फिल्मों में रैफरी का किरदार भी निभाया है। जिला युवक एवं खेल विभाग ने उन्हें कुश्ती कोच के पद पर नियुक्त किया है।
मध्यप्रदेश कुश्ती संघ का प्रयास है कि जिले के पहलवान नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएं और उज्जैन को कुश्ती के खेल में नई पहचान दें। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए संघ कुश्ती के खिलाड़ियों को सुविधा देने में जुटा है। इसके पहले भी इंदौर के कोच उज्जैन के पहलवानों को कुश्ती के गुर सिखाने आते रहे हैं। संघ की मांग पर जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय कोच की नियुक्ति की है। निचित कॉमनवैल्थ गेम्स में भी भारतीय ट्रेनिंग कोच का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दिल्ली कामनवेल्थ में भारतीय टीम के मार्गदर्शन के लिए वे साथ गए थे। जिला कुश्ती संघ के गणेश बागड़ी ने बताया शहर के कुश्ती खिलाड़ियों में प्रतिभा है, जरूरत है उसे तराशने की। इसीलिए सालों से प्रयास किया जा रहा था कि शहर के कुश्ती खिलाड़ियों को नेशनल स्तर के कोच मिले। सालों से चली आ रही इस मांग को शासन ने पूरा कर दिया है। जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा नेशनल कोच वीरेंद्र निचित को पदस्थ किया है।
सबसे पहले डाइट चार्ट बनाया
खिलाड़ियों के लिए नेशनल कोच ने सबसे पहले डाइट चार्ट बनाया। कचौरी-समोसा और मिर्च पूरी तरह से बंद करवा दिए हैं। सुबह नाश्ते में बादाम वाला दूध, अंडे, चने और दलिया का सेवन करवाया जाएगा। दोपहर में शुद्ध देशी घी से बना सादा भोजन बगैर नमक मिर्च का। शाम को प्रैक्टिस के बाद वापस बादाम वाला दूध, ड्रायफ्रूट, मौसमी फल और सादा भोजन दिया जाएगा।
रोजाना 10 किमी रनिंग
कुश्ती के खिलाड़ियों को यदि नेशनल और इंटरनेशनल खेलना है तो उन्हें अपनी स्टेमिना बढ़ाना जरूरी है। कोच खिलाड़ियों को प्रतिदिन 5 से 10 किमी रनिंग करवा रहे हैं। इसके अलावा कुश्ती की प्रैक्टिस और एक्सरसाइज भी करवा रहे हैं।