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दहशत फैलाने वाली सोशल मीडिया गैंग:क्रिकेट खेलने के दौरान 13 युवाओं ने बनाई गैंग
उज्जैन में पुलिस ने सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाली गैंग का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने 13 लोगों को पकड़ा है। इनमें 7 लोग नाबालिग हैँ। गैंग के सरगना को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी जैसे कई मामले दर्ज हैं। गैंग सबसे बड़ी उम्र 20 साल का सरगना ही है। नाबालिगों की उम्र 15 से 18 साल के बीच है। वहीं, पांच लोगों की उम्र 18 और 20 साल के बीच है। आरोपी सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो अपलोड कर दहशत फैलाते थे।
मंगलवार को पुलिस ने नाबालिग आरोपियों के माता-पिता को एसपी ऑफिस बुलाकर समझाइश भी दी गई। पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
गैंग के सरगना दीपक अहिरवार (20) ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट की थी, जिसमें वह बंदूक ताने खाड़ा है। फोटो पुलिस के पास भी पहुंचा। जिला साइबर पुलिस ने गैंग का पर्दाफाश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। खास है, पकड़े गए कुछ लड़के स्कूल के छात्र हैं। सभी सोशल मीडिया गैंग के फोटो अपलोड करते थे, जिसमें हाथों में हथियार समेत डराने के लिए गैंग के सदस्य रसूख दिखाने के लिए फोटो पोस्ट करते थे।
एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने नाबालिगों के परिजनों को बुलाकर समझाइश भी दी है। ये लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय थे, जो ग्रुप बना कर प्लानिंग करते थे। इससे पहले भी पुलिस जिले में दो गेंग का खुलासा कर चुकी है।
क्रिकेट के दौरान बनी थी गैंग
सार्थक नागर में रहने वाले के नाबालिग ने बताया कि वह क्रिकेट खेलने जाते थे। उस दौरान दीपक अहिरवार सभी को फोटो के लिए कहता था। इस दौरान उससे दोस्ती हो गयी। दीपक और उसके दोस्त मैदान में ही गांजा पीते थे। वहीं, परिजन ने कहा कि कई बार मना किया, लेकिन दीपक हमारे बच्चों को घर से लेकर जाता था।
एएसपी अमरेंद्र सिंह ने बताया, सबकी प्रोफाइल तैयार की गई है। कुछ लड़के नाबालिग हैं, जिनके स्कूल छूट गए हैं। नाबालिगों के परिवार को बुलाकर समझाइश दी है।
नीलगंगा पुलिस ने बताया कि आरोपी के साथी उज्जवल सोलंकी निवासी चंद्रावतीगंज, शरद बड़वाया कॉॅम्प्लेक्स वाली गली शांतिनगर, संजय उर्फ संजू निवासी एकतानगर, धर्मेंद्र पंवार निवासी अमरदीपनगर, आनंद बौरासी निवासी नीलगंगा, ऋतिक धानुक निवासी शांतिनगर, विनय यादव निवासी शांतिनगर, रिंकेश रायकवार एकतानगर, सोनू हड़ोतिया निवासी शांतिनगर, विजय गुप्ता निवासी शांतिनगर, खिलाफ धारा 188 के तहत केस दर्ज किया