- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
दीपाेत्सव का शुभारंभ:10 कारें और 40 बाइक सहित आभूषणों की रिकार्ड खरीदी
गुरुपुष्य नक्षत्र पर सर्वार्थ सिद्धि योग शुभता लेकर आया है। इसी शुभता के साथ दीपोत्सव महापर्व का शुभारंभ हो गया। गुरुवार को शुभ नक्षत्र में आभूषण, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम सहित घर की जरूरतों के सामान खरीदने के लिए बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शुभ नक्षत्र में शुभ-लाभ और चर चौघड़िया देखकर लोगों ने आने वाले दिनों की शुभता के लिए गृहस्थी के सामान और स्वर्ण आभूषणों की खरीदी कर पुष्य नक्षत्र को सार्थक किया।
शाजापुर शहर की आभूषणों की दुकानों पर कुल मिलाकर 7 से 10 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ है। आभूषण व्यापारी रितेश जैन के मुताबिक शहर में 65 ज्वेलरी शॉप एवं शोरूम हैं। प्रत्येक आभूषण की दुकानों पर 2 से 15 लाख रुपए तक का व्यापार संभावित हुआ है। इस तरह सभी दुकानों का कुल व्यापारी औसतन 7 से 10 करोड़ रुपए है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी 1 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ है।
शहर में इलेक्ट्राॅनिक्स का व्यापार जो रक्षाबंधन पर पूरी तरह ध्वस्त था दीपपर्व के शुभारंभ में इलेक्ट्राॅनिक्स के व्यापारियों के भी चेहरे खिल उठे। व्यवसायी महेश शर्मा ने बताया शहर में 15 से 20 इलेक्ट्राॅनिक्स की दुकानें हैं सभी ने पुष्य नक्षत्र के संयोग में अच्छा व्यापार किया। कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ रुपए का व्यापार इलेक्ट्राॅनिक्स में हुआ है।
व्यापारियों ने खरीदे खाता बही धनतेरस व दीपावली पर बदलेंगे
शहर के दुकानदारों सहित व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शॉप संचालकों ने भी पुष्य नक्षत्र के अवसर पर खाताबही खरीदी। कुछ दुकानदारों ने तो पुष्य नक्षत्र के संयोग में ही खाताबही और सालाना रोकड़ बही बदल दी है लेकिन अधिकांश व्यापारियों का यह मानना है कि पुष्य नक्षत्र में खाताबही खरीदने का महत्व है एवं धनतेरस व दीपावली के दिन नए साल की शुरूआत के साथ इसमें लेखा-जोखा लिखने का काम शुरू किया जाएगा।