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दूध में पानी, शुद्ध घी में वनस्पति; 25-25 हजार रुपए का जुर्माना
उज्जैन | खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर जुर्माना किया है। डेयरी संचालक के यहां से लिए दूध के सेंपल में तय मात्रा से फेट कम पाया। एक अन्य व्यापारी के यहां से लिए घी के सैम्पल में वनस्पति पाया था। खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग ने संचालकों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में प्रकरण लगाएं। जहां से डेयरी संचालक व अन्य व्यापारी पर 25-25 हजार का जुर्माना किया है। एक माह में यह राशि जमा करना होगी, नहीं तो वसूली की कार्रवाई होगी।
खाद्य एवं औषधी प्रशासन की टीम ने इंदौर रोड स्थित सांई फुडस डेयरी से पिछले दिनों दूध का सैम्पल लिया था। जिसे राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा था। फूड सेफ्टी अधिकारी शैलेष कुमार गुप्ता व बीएस देवलिया ने बताया जांच रिपोर्ट में दूध में फेट कम पाया गया। उसके बाद खाद्य विभाग ने डेयरी संचालक को नोटिस जारी किया और प्रकरण एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी की कोर्ट में प्रकरण लगाया। न्यायालय ने दोनों पक्ष को सुना। उसके बाद फैसला दिया, जिसमें डेयरी संचालक होतचंद कलवानी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना किया है। यह राशि संचालक को जमा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा सांवलिया प्रोविजन से घी का सेंपल लिया था। जांच में पाया गया कि घी में मिल्क फेड के अलावा अन्य फेड मिलाकर बेचा जा रहा था। जो कि वनस्पति हो सकता है। इसके संचालक के खिलाफ भी 25 हजार का जुर्माना एडीएम कोर्ट ने किया है। वहीं आगर रोड स्थित उद्योगपुरी में संचालित एलाइड इंडस्ट्रीज से चीज का सेंपल लिया गया था, जो कि जांच में मिस ब्रांडेड यानी उसके लेवल पर उपभोक्ता हित की पर्याप्त जानकारी नहीं थी। यह प्रकरण भी एडीएम कोर्ट में लगाया था। जिसमें कोर्ट ने संचालक राजेंद्र जैन पर 75 हजार का जुर्माना किया है। गोंदा की चौकी पर दुकान संचालित करने वाले संतोष राठौर के यहां से लिए गए पापड़ के सेंपल की जांच में पाया कि पैकेट पर पूरी जानकारी नहीं थी। राठौर के खिलाफ 25 हजार का जुर्माना किया है। एक माह में व्यापारी को जुर्माने की राशि जमा करना होगी। तय समयावधि में राशि जमा नहीं करवाई तो वसूली की कार्रवाई होगी। लाइसेंस निलंबित भी किया जा सकता है।