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दोपहर 12.28 बजे साया भी छोड़ गया साथ…
उज्जैन। उत्तरी गोलाद्र्ध में सूर्य के कर्क रेखा पर लंबवत होने से 21-22 जून को सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात रहती है। शुक्रवार दोपहर 12.28 बजते ही साया भी साथ छोड़ गया। परछाई शून्य होने की खगोली घटना देखने के लिये शहरवासी जीवाजी वेधशाला पहुंचे। वेधशाला अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्त व मौसम प्रेक्षक दीपक गुप्ता ने बताया इस वर्ष 21 व 22 जून को कोण का अंतर केवल 4 सेकंड का है। मात्र 4 सेकंड के अंतर में दो बार परछाई शून्य हुई।