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नए शहर में दूध 44 तो पुराने में 21रु. लीटर
नए और पुराने शहर के भावों में 2 से 100 रुपए का अंतर
एक अप्रैल से दुग्ध विक्रेताओं द्वारा दूध के भाव में 2 रुपयों की बढ़ोत्तरी कर दी थी। अब दुग्ध उत्पाद घी, मक्खन, दही, छाछ आदि के भावों में भी डेयरी संचालकों द्वारा स्वत: बढ़ोत्तरी कर दी गई है। खास बात यह कि पुराने व नये शहर में दुग्ध उत्पादों के भावों में 2 से 100 रुपयों तक का अंतर सामने आया है।
दुग्ध विक्रेताओं द्वारा पुराने व नये शहर में दूध और उसके उत्पादों के भावों में 2 से 100 रुपये तक अंतर के बारे में अलग-अलग तर्क दिये जा रहे हैं। दूध के भावों में जहां 2 रुपयों का अंतर है तो मक्खन के भावों में सीधे तौर पर 100 रुपयों का अंतर आ रहा है। दुग्ध विक्रेता इसमें क्वालिटी और दूध के फेट को कारण बताते हैं।
अभी भाव बढ़ाना जरूरी नहीं था
दूध विक्रेता दिग्विजय ने बताया कि अभी शहर में दूध के भाव बढ़ाना जरूरी नहीं था। शहर में काफी मात्रा में दूध की आपूर्ति हो रही है। सुबह और शाम में शहर में सप्लाय के बाद भी करीब 22 हजार लीटर दूध अन्य शहरों को भेजा जा रहा है।
शहर में खपत ज्यादा और आपूर्ति कम होती तो भाव बढ़ाना लाजिमी था लेकिन अभी आपूर्ति काफी हो रही है इसलिए दाम बढ़ाना जरूरी नहीं था।