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नागचंद्रेश्वर दर्शन :वृद्धों, महिलाओं और बच्चों के लिए कोई व्यवस्था नहीं
उज्जैन। वर्ष में एक बार होने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शनों के लिये बीती रात 10 बजे से लोगों की कतार महाकाल मंदिर के बाहर से लगना शुरू हुई जो मंदिर के पट खुलने तक हरिफाटक ब्रिज तक जा पहुंची। इस दौरान कतार में लगे व़द्धों, महिलाओं और बच्चों के लिये पुलिस प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई। घंटों लाइन में लगकर भगवान के दर्शनों का इंतजार कर रही महिलाओं और वृद्धों में आक्रोश था। उनका कहना था कि हमें पहले से पता होता कि इतनी अव्यवस्था होगी तो हम दर्शन करने ही नहीं आते।
पीने का पानी और शौचालय तलाशते रहे लोग
प्रशासन द्वारा मंदिर दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं की मूलभूत आवश्यकता पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई थी। घंटों कतार में लगे लोग पीने का पानी व शौचालय तलाशते रहे। अधिक परेशानी वृद्धों और महिलाओं को उठाना पड़ी क्योंकि उनके साथ समस्या थी कि लाइन में लगने के बाद यदि वह लाइन छोड़कर जाते हैं तो पुन: कतार में लगने के लिये उन्हें दूसरे लोगों से विवाद तक करना पड़ रहा था।
नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने बताई आपबीती
रात 2 बजे से लाइन में लगी हूं, हरिफाटक से परिवार के साथ लाइन में लगी थी सुबह की 10 बज चुकी है। लाइन झिकझेक तक पहुंची है अभी और कितने घंटे इंतजार करना पड़ेगा कुछ नहीं पता।
प्रेमलताबाई, निवासी इंदौर
बच्चों के साथ भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शनों के लिये आई हूं तड़के 4.40 बजे से लाइन में लगी हूं लेकिन अभी तक दर्शन नहीं हो पाये हैं।
कविता ठाकुर, निवासी इंदौर
वृद्धों और महिलाओं के लिये कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई है। पुरुषों की भीड़ में महिलाएं धक्का मुक्की का शिकार हो रही हैं। दर्शनों में भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
रेखाबाई, निवासी बड़वानी
भीड़ बढ़ती जा रही है, धक्का मुक्की भी हो रही है। पीने का पानी तक नहीं मिल रहा, लाइन काफी देर से आगे बढ़ती है। पैरों में सूजन आ गई है। काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल, निवासी धार
