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देशभर में रहने योग्य शहरों की सूची में उज्जैन का 24वां नंबर
उज्जैन। महाकाल की नगरी में रहने वाले बाशिंदों के लिए अच्छी खबर है। सुविधाजनक तरीके से रहने योग्य शहरों की बात करें तो हमारे नगर ने ऊंची छलांग लगाई है। उज्जैन देश के 125 शहरों में से 24वें क्रम पर है। शीर्ष 20 में देश के नामचीन शहर शुमार हैं। यानी उज्जैन के लिए यह गौरव का पल है।
भारत सरकार द्वारा प्रदूषण, सड़क, ग्रीन बेल्ट, लोकल ट्रांसपोर्टेशन एवं पानी की उपलब्धता जैसे 15 मानकों पर तय सोमवार को जारी लिवेबलिटी सिटी इंडेक्स की रिपोर्ट यही बताती है। रिपोर्ट के मुताबिक पहली रैंक पुणे शहर ने पाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार दो साल नंबर-1 रहे हमारे पड़ोसी शहर इंदौर की रैंक आठवीं रही है। बात अगर 5 से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले शहरों की करें तो उज्जैन की रैंक 6ठी रही है। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ अवधेश शर्मा ने बताया कि सालभर से विभिन्न विभागों की डाटा ऑनलाइन भारत सरकार को भेजे जा रहे थे। डाटा का सत्यापन करने को टीम भी आई थी। समग्र डाटा का मूल्यांकन करने के बाद सरकार ने लिवेबलिटी सिटी इंडेक्स रिपोर्ट जारी की है। वैसे भी मध्यप्रदेश में उज्जैन सांप्रदायिक सौहार्द्र, मोक्षदायिनी शिप्रा नदी, महाकुंभ सिंहस्थ और ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की वजह से काफी प्रसिद्घ है। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर काम की वजह से भी उज्जैन सुर्खियों में रहा है। अभी 485 स्वच्छ शहरों की सूची में भी उज्जैन का नाम 17वें नंबर पर रहा है। 152 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस छोटे शहर में मेट्रो सिटी का अहसास कराने वाली 100 से ज्यादा चौड़ी सड़कें, 13 ब्रिज भी उज्जैन की खासियत है। जल्द ही शहर में भूमिगत सीवरेज लाइन भी बिछने वाली है, जिससे आगामी दिनों में इसकी रैंक में ओर सुधार होने की उम्मीद है।
असर : जमीन की कीमतें बढ़ेंगी, आर्थिक विकास होगा
लिवेबलिटी सिटी इंडेक्स की रिपोर्ट में उज्जैन की रैंक 24वीं मिलने का मतलब है कि उज्जैन में रहना फायदेमंद, सुविधाजनक और किफायती है। इसका असर यहां की इकनॉमिक ग्रोथ पर पड़ना अब स्वभाविक है। जमीन, मकान और दुकान की कीमत अब बढ़ सकती है। यहां आर्थिक विकास के द्वार अब खुल सकते हैं।