- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजा ‘जय श्री महाकाल’: वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट, भस्म आरती में दिव्य रूप में हुए बाबा के दर्शन
- सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का संत करेंगे निरीक्षण: स्वामी माधवाचार्य डाकोर के नेतृत्व में दोपहर 2 बजे उज्जैन पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल, अखाड़ों और श्रद्धालु सुविधाओं का होगा जायजा
- रजत चंद्र, भांग-चंदन और पुष्पों से सजे बाबा महाकाल: भस्म अर्पण के बाद मिले दिव्य दर्शन, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
- 50 फीट गहरे कुएं में गिरी गर्भवती गाय: 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला, ग्राम जैथल टैक की घटना; पुलिस-ग्रामीणों ने मिलकर बचाया
पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा करवाचौथ व्रत
उज्जैन। पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना को लेकर शनिवार को महिलाओं द्वारा करवा चौथ व्रत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत महिलाएं पूरे दिन बिना जलग्रहण किये उपवास रखेंगी और रात में चंद्रदर्शन के पश्चात पूजन करेंगी और उसी के बाद जल व अन्न ग्रहण करेंगी। करवाचौथ के दिन अंकपात स्थित अविघ्न विनायक गणेश मंदिर में दर्शनों का विशेष महत्व है। इसी कारण सुबह से मंदिर में महिलाओं की भीड़ रही।
मंदिर के पुजारी अश्विन शुक्ल ने बताया भगवान रामजी द्वारा स्थापित उक्त मंदिर का स्कंद पुराण व गणेश अंक में उल्लेख मिलता है। वनगमन के दौरान भगवान श्रीराम, सीतामाता और लक्ष्मणजी महाकाल वन पहुंचे थे। यहां करवा चौथ का व्रत होने से भगवान राम ने माता सीता को इसी स्थान पर विश्राम के लिये ठहराया और वह स्वयं फल आदि लेने के लिये वन में चले गये। जब काफी देर तक भगवान राम वन से नहीं लौटे तो सीता माता विचलित हो गईं तभी नारदजी प्रकट हुए और उन्होंने सीताजी को बताया आप भगवान श्री गणेश की आराधना करें क्योंकि वह सभी प्रकार के विघ्नहर्ता हैं।
माता सीता ने 11 दीपक पीले आटे से बनाए और भगवान गणेश का पूजन करते हुए तपस्या में लीन हो गईं जिसका परिणाम यह हुआ कि भगवान श्रीराम वन से लौटे। सीता माता ने जब उन्हें विचलित होने और श्रीगणेश की आराधना करने का वर्णन सुनाया तो भगवान श्रीराम ने ही श्री अविघ्न विनायक गणेश के नाम से मूर्ति की स्थापना की और तभी से यहां करवाचौथ के दिन पूजन दर्शन का महत्व हैा। पं. शुक्ल के अनुसार आज करवाचौथ होने से मंदिर में भगवान का विशेष शृंगार किया जाकर भोग का आयोजन किया गया है। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाओं के दर्शनों का सिलसिला जारी है।