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बच्चों के साथ हो सकता है गंभीर हादसा:निगम की ऐसी इंजीनियरिंग…बगीचे में झूले और फिसलपट्टी के नीचे लगा दिए ब्लॉक
एक ही जमीन पर दो प्रोजेक्ट की गड़बड़ी को निगम अफसर सुलझा भी नहीं पाए है, वहीं निगम के इंजीनियरों ने एक और गड़बड़ कर दी। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अफसर से लेकर कर्मचारी जुटे हुए हैं, ताकि इस बार रैंक में सुधार हो। इसी बीच ज्यादा अच्छा करने के चक्कर में कोठी रोड स्थित अटल उद्यान में झूले, फिसलपट्टी और सी-सा झूले के नीचे ब्लॉक लगा दिए।
आमतौर पर बच्चों के खेलने के लिए बगीचों को डेवलप किया जाता है, ताकि उन्हें प्राकृतिक माहौल मिल सके। कोशिश की जाती है कि बगीचे में मिट्टी ही रहे लेकिन निगम के अफसर ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले बगीचे में झूले, फिसलपट्टी और सी-सा झूले के नीचे सीमेंट के ब्लॉक लगा दिए।
इन्हें लगाए हुए दो से तीन दिन ही हुए हैं लेकिन यहां आने वाले बच्चों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकते हैं। मौज-मस्ती के बीच बच्चे ब्लाॅक पर गिरे तो गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में बगीचे से झूलों का महत्व भी कम हो रहा है।
ऋषिनगर निवासी अमृता सिंह अपने तीन साल के बच्चे को लेकर पहुंची तो झूलों के नीचे ब्लॉक लगे देख परेशान हो उठी। उनका कहना था कि यहां अगर बच्चे गिरे तो चोट लगेगी। इन्हें सही कराना चाहिए। ऐसी ही बात अन्य अभिभावकों ने भी की।
कंडम हो चुकी कचरा गाड़ियों पर ध्यान नहीं
स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी में निगम द्वारा सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है लेकिन ग्लोबल द्वारा मेंटेनेंस के अभाव में कंडम कर दी कचरा गाड़ियों की तरफ अफसरों का ध्यान नहीं है। हाल ही में आरटीओ ने फिटनेस चैक करने के लिए कचरा गाड़ियों को बुलवाया लेकिन उनकी हालत इतनी खराब थी कि अफसरों ने फिटनेस चैक करने से भी इनकार कर दिया। वहीं निगम अफसर ग्लोबल से यह सवाल नहीं कर पा रहे हैं, आखिर ये गाड़ियां कंडम क्यों हो गई। मेंटेनेंस क्यों नहीं किया गया।
ब्लॉक बच्चों के लिए खतरनाक, सही कराएंगे
झूलों के नीचे ब्लॉक नहीं लगते हैं। इससे बच्चों को खतरा हो सकता है। ठेकेदार के कर्मचारियों ने गलती से लगा दिए हैं। उन्हें सही करवाया जाएगा और झूलों के नीचे रेत डलवाई जाएगी, ताकि बच्चे गिरे भी तो उन्हें चोट न लगे।
विदु कौरव, उद्यान प्रभारी, ननि