- गंगा दशहरा पर महाकाल मंदिर में शुरू हुई 16 घंटे की अखंड नृत्य आराधना, शयन आरती तक कलाकार देंगे नृत्यांजलि
- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
बारिश थमते ही सड़कों पर धूल के गुबार
उज्जैन :मानसून सीजन में लगातार हुई बारिश के कारण शहर की सड़कों पर छोटे बड़े गड्ढे हो चुके हैं। डामरीकृत सड़कों से गिट्टी चूरी निकलकर सड़क पर बिखरी हैं। बारिश थमने के बाद अब सड़कों से धूल के गुबार उड़ रहे हैं जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
बारिश के दौरान शहर के मुख्य मार्गों और आंतरिक सड़कों पर डामर की सड़कें उखडऩे व गिट्टी चूरी बिखरने के बाद नगर निगम द्वारा गड्ढों में मुरम डालकर भराव किया जा रहा था। अब जबकि बारिश का दौर थम चुका है ऐसे में गिट्टी चूरी सड़कों पर बिखरी पट्टी है, मुरम ने गड्ढों का साथ छोड़ दिया। दो पहिया, चार पहिया वाहन जब इन मार्गों से गुजरते हैं तो धूल के गुबार उड़ते नजर आते हैं।
शहर का प्रमुख चामुण्डा माता चौराहा की हालत सबसे अधिक खराब हो चुकी है। इस चौराहे के आगर रोड़, माधव कालेज के सामने और फ्रीगंज ब्रिज वाले मार्ग की सड़क पर गड्ढों के साथ गिट्टी चुरी बिखरी पड़ी है। यहां शहर का सबसे अधिक ट्राफिक दबाव रहता है। लगातार दो पहिया, चार पहिया वाहनों के आवागमन के कारण गड्ढों से धूल के गुबार उड़ते नजर आते हैं। नगर निगम अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि ठण्डे डामर में गिट्टी चूरी मिलाकर गड्ढे भरे जा रहे हैं, जबकि मुख्य मार्गों से सफाईकर्मी गिट्टी चूरी हटाकर किनारे पर ही ढेर लगा रहे हैं।