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बिना मास्क वालों को टोकने, चालान व अस्थायी जेल भेजने का अभियान बंद
जिले में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पांच हजार के करीब पहुंच गया है। मार्च से अब तक नौ माह 17 दिन में मरीजों की संख्या बढ़कर 4585 हो गई है। जिनमें 228 मरीज एक्टिव हैं। हर दिन 20 से ज्यादा मरीज पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।
मावठे की बारिश और ठंड शुरू होने तथा शादी समारोह तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में जुटी रही भीड़ से संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। इस बीच संक्रमण की रोकथाम के लिए पहले जैसे इंतजाम यानी बगैर मास्क वालों को रोकने-टोकने और चालानी कार्रवाई तथा अस्थायी जेल भेजने जैसे अभियान बंद पड़े हैं। लोग बगैर मास्क के आ-जा रहे हैं।
दूसरे जिलों व अन्य राज्यों से आने वालों की स्क्रीनिंग भी नहीं हो रही है। भीड़ वाले स्थल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी यात्रियों की जांच के खास इंतजाम तक नहीं है। कोरोना स्क्वाॅड की कार्रवाई शिथिल पड़ी है। बढ़ते मरीजों के बीच सैंपलिंग भी पहले की तुलना में कम हो रही है। वर्तमान में केवल 600 लोगों की ही सैंपलिंग की जा रही है।
लापरवाही से बढ़ेंगे मरीज
कोरोना का संक्रमण आने वाले दिनों में बढ़ सकता है, क्योंकि ठंड शुरू हो गई है। ऐसे में वायरस 8 से 10 घंटे तक एक्टिव रहेगा। लापरवाही बरतने से लोग संक्रमित होंगे।
-डॉ. एचपी सोनानिया, नोडल अधिकारी कोविड-19
लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी
सैंपलिंग बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। बीएमओ व सैंपलिंग टीम को ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल विशेष रूप से बीमार लोगों के सैंपल लेने के आदेश जारी किए हैं। जिसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
-गरिमा रावत, संयुक्त कलेक्टर व नोडल अधिकारी, सैंपलिंग
ये करना थे उपाय
- बाहर से आने वाले लोगों की बार्डर पर स्क्रीनिंग।
- रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर यात्रियों की जांच। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक कार्यक्रम।
- विवाह व सार्वजनिक समारोह में गाइड लाइन का पालन करवाना।
- मास्क नहीं लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती।