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बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा में भी नहीं खुली विक्रम की वेबसाइट
ओपन बुक प्रणाली से होने वाली परीक्षाओं की व्यवस्थाओं में विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार चौथी बार भी फेल साबित हुआ। शुक्रवार को बीए अंतिम वर्ष और एमएसडब्ल्यू चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट नहीं खुल पाई। जिसके कारण विद्यार्थी दोपहर तक प्रश्न पत्र डाउनलोड नहीं कर पाए। नाराज विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पहुंच कर भी हंगामा किया।
कोरोना संक्रमण की वजह से उच्च शिक्षा विभाग ने कई दिन पहले ही सितंबर में ओपन बुक प्रणाली से परीक्षाएं कराने के निर्देश जारी कर दिए थे। जिसमें स्पष्ट रूप से यह भी निर्देशित किया गया था कि प्रश्न पत्र विश्वविद्यालय को वेबसाइट पर भी अपलोड करने की व्यवस्थाएं करना होगी। इसके बावजूद विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। जबकि विद्यार्थियों की संख्या और वेबसाइट व सर्वर क्षमता के आधार पर परीक्षा शुरू होने से पहले इसकी टेस्टिंग की जाना चाहिए थी। यह टेस्टिंग नहीं करवाई गई। जिसका नतीजा यह हुआ कि 5 सितंबर को परीक्षा के पहले ही दिन वेबसाइट क्रैश हो गई।
इसके बाद 7 और 9 सितंबर को भी वेबसाइट नहीं चलने के कारण विद्यार्थी समय पर प्रश्न पत्र डाउनलोड नहीं कर पाए। शुक्रवार को बीए तृतीय और एमएसडब्ल्यू चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र सुबह 10.30 बजे अपलोड किए जाना थे लेकिन जैसे ही विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर क्लिक किया तो वह एरर दिखाती रही। काफी देर बाद भी जब वेबसाइट से प्रश्न पत्र डाउनलोड नहीं हुए तो 40 से अधिक विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पहुंच कर हंगामा कर दिया। दोपहर करीब 2.30 बजे किसी तरह कॉलेज प्रबंधन और वाट्सएप के जरिए विद्यार्थियों तक प्रश्न पत्र पहुंचाए गए।
छात्र नेताओं का आरोप- कुलपति और कुलसचिव दोषी कर्मचारियो को बचाने में लगे, विद्यार्थी हो रहे परेशान
विश्वविद्यालय में 5 सितंबर को वेबसाइट पर आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी शेयर हो गए थे। पेपर लीक होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 11 सितंबर तक भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस लापरवाही पर कुलपति डॉ. बालकृष्ण शर्मा और प्रभारी कुलसचिव डॉ. दिव्य कुमार बग्गा आधिकारिक रूप से कुछ कहने को तैयार नहीं हैं। वहीं कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र शर्मा का भी पिछले 7 दिनों से एक ही जवाब है परीक्षण चल रहा है।
इधर एनएसयूआई के छात्रनेता तरुण गिरि ने आरोप लगाया विश्वविद्यालय में कुलपति व प्रभारी कुलसचिव दोषी कर्मचारियों को बचाने में लगे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री के गृह नगर के विश्वविद्यालय के ऐसे इंतजामों से पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्थाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। गिरि ने कहा परीक्षाओं को लेकर इससे बेहतर व्यवस्था किसी प्ले स्कूल में होती है।