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बैंक की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक से 2 लाख 70 हजार की ठगी
उज्जैन। अक्षय नामक व्यक्ति मारुति शोरूम में सेल्स एजेंट है। उसके पास एक व्यक्ति का फोन आया, उससे कहा कि बेटी की शादी है, मारुति कार लेना है, कलर आदि की जानकारी दो। अक्षय ने तुरंत उसे कलर व रेट की जानकारी दे दी। बातचीत के दौरान ही फोन करने वाले ने बताया कि कार आज ही लेना है लेकिन मेरे अकाउंट से रुपये आरटीजीएस नहीं हो रहे। तुम्हारे शोरूम का जिस बैंक में खाता है वहां के मैनेजर से बात करा दो। अक्षय तुरंत बैंक ऑफ इंडिया नागझिरी पहुंचा। वहां वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मनीषा भार्गव पति मयूर कदम 32 वर्ष से कहा कि ग्राहक से बात कर लो। व्यस्त होने के कारण मनीषा भार्गव ने असिस्टेंट मैनेजर राहुल का नंबर दिया और उससे बात करने को कहा। अक्षय ने राहुल की बात अज्ञात ग्राहक से कराई और चला गया। कुछ देर बाद असिस्टेंट मैनेजर राहुल के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति का फोन आया।
ट्रू कॉलर पर नाम संजय बाहेती इंदौर आ रहा था। राहुल संजय बाहेती को पहचानता था। वह मारुति शोरूम के मालिक हैं और उनके खाते से लाखों का लेनदेन होता है। इसी का फायदा उठाते हुए अज्ञात व्यक्ति ने राहुल से कहा कि मेरे खाते में कितने रुपये हैं। राहुल ने कम्प्यूटर में देखकर खाते के रुपये बता दिये, उसके बाद कहा कि इनमें से 2 लाख 70 हजार रुपये मेरे द्वारा बताये गये अकाउंट नंबर में आरटीजीएस कर दो। राहुल ने मनीषा भार्गव को बताया कि मारुति शोरूम के मालिक हैं वह चैक बाद में भिजवा देंगे। मैं उन्हें पहचानता हूं। उनके खाते में राशि ट्रांसफर कर दें। मनीषा भार्गव भी संजय बाहेती को पहचानती थीं और उन्होंने अज्ञात व्यक्ति द्वारा बताये गये अकाउंट नंबर पर 2 लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये।
ऐसे पकड़ में आई धोखाधड़ी
मारुति शोरूम के सेल्स एजेंट ने दूसरे दिन अज्ञात व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। उस दौरान राहुल के मोबाइल ट्रू कॉलर पर संजय बाहेती इंदौर नाम सामने आया तो वह सकते में आ गया। उसे लगा कि यह तो मालिक का नाम है, लेकिन वह संजय बाहेती का मोबाइल नंबर जानता था। उसने अन्य कर्मचारियों से चर्चा की उसके बाद बैंक गया और शाखा प्रबंधक को मामले से अवगत कराया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। संजय बाहेती के अकाउंट से अज्ञात ठग के अकाउंट में रुपये आरटीजीएस किये जा चुके थे। खास बात यह कि जिस ठग के खाते में रुपये ट्रांसफर हुए उसने तुरंत रुपये निकाल भी लिये। इस कारण खाता ब्लाक करने से भी कोई फायदा नहीं होना था।