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भादौ की पहली सवारी में भक्तों को पांच रूपों में होंगे महाकाल के दर्शन
उज्जैन। भादौ मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। भक्तों को अवंतिकानाथ महाकाल के पांच रूपों में दर्शन होंगे।
राजाधिराज महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश व रथ पर होल्कर रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। इसके बाद 3 सितंबर को महाकाल की शाही सवारी निकलेगी। इस दिन जन्माष्टमी का पर्व भी रहेगा।
दोपहर 3.30 बजे सभा मंडप में पूजन के बाद शाम 4 बजे राजा की पालकी शिप्रा तट की ओर रवाना होगी। महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शाम 5 बजे सवारी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी।
यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा अर्चना करेंगे। पूजन पश्चात सवारी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम करीब 7 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद संध्या आरती होगी।