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भोजन प्रसादी बनाने के लिए रतलाम व इंदौर से बुलाए रसोइए
उज्जैन। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया पर 4 जुलाई को इस्कॉन मंदिर की रथ यात्रा निकलेगी। दोपहर 2 बजे बुधवारिया चौराहा से यात्रा का आरंभ होगा। स्वामी भक्तिचारूजी महाराज के सान्निध्य में अतिथि सोने की झाड़ू से मार्ग बुहार कर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। समापन पर इस्कॉन मंदिर में महाभोज होगा। करीब 10 हजार भक्तों को भोजन कराया जाएगा। भोजन प्रसादी बनाने के लिए विशेष तौर पर रतलाम व इंदौर के रसोइयों को बुलाया गया है।
पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया रथ यात्रा को लेकर तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। करीब 22 फीट ऊंचे सुसज्जित रथ पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा व बलभद्र का विराजित किया जाएगा। भक्त रस्सियों के सहारे भगवान के रथ को खीचेंगे। नगर के प्रमुख मार्गों से होकर यात्रा भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। यहां परिसर में बसाई गई गुडेंचा नगरी में भगवान को विराजित किया जाएगा। एक सप्ताह तक भगवान इसी नगरी में विराजित रहेंगे। नित्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। कलाकार गीत, संगीत व नृत्य की प्रस्तुति देंगे। बड़ी संख्या में भक्त प्रतिदिन भगवान के दर्शन को उमड़ेंगे। रथ यात्रा के इस्कॉन मंदिर पहुंचने पर महाप्रसादी का आयोजन होगा। करीब 10 हजार भक्तों को भोजन प्रसादी परोसी जाएगी। विशाल आयोजन में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरणा लेते हुए भक्त स्वयं पत्तल आदि उठाकर तय स्थान पर डालेंगे। नगर निगम को दो ट्रैक्टर ट्रॉलियां तथा पेयजल के लिए साफ पानी के टैंकर भेजने के लिए पत्र लिखा है।
जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए उज्जैन इस्कॉन मंदिर के संस्थापक स्वामी भक्तिचारूजी महाराज मंगलवार को अमेरिका से उज्जैन पहुंच गए हैं। मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने भक्तों को प्रवचन दिए। संध्या आरती के बाद देशी-विदेशी भक्तों के साथ संकीर्तन किया। बुधवार सुबह स्वामी के पुनः प्रवचन होंगे। बड़ी संख्या में भक्त स्वामीजी के श्रीमुख से प्रवचन सुनने के लिए इस्कॉन मंदिर पहुंच रहे हैं।