- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
महाकालेश्वर मंदिर में खुदाई में मिली 1000 साल पुरानी दीवार
खुदाई के दौरान करीब 20 फीट नीचे मिली नक्काशी वाली 1000 साल पुरानी दीवार
उज्जैन. बाबा महाकाल के मंदिर परिसर में चल रही खुदाई के दौरान के प्राचीन दीवार मिली है। दीवार पर नक्काशी की हुई है और इस दीवार के मिलने के बाद खुदाई का काम रोक दिया गया है। मंदिर प्रशासन को जब मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान दीवार मिलने की सूचना मिली तो मंदिर प्रशासन समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और पुरातत्व विभाग को भी इसके बारे में सूचना दी। बताया जा रहा है कि जो दीवार खुदाई के दौरान मिली है वो करीब 1000 साल पुरानी है।

करीब 20 फीट नीचे मिली प्राचीन दीवार
दरअसल महाकाल मंदिर परिसर में विस्तारीकरण के लिए खुदाई का काम किया जा रहा है। शुक्रवार को जब मंदिर परिसर में खुदाई की जा रही थी तो करीब 20 फीट नीचे खुदाई के दौरान पत्थरों की एक प्राचीन दीवार काम कर रहे लोगों को नजर आई उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद लोगों को इसके बारे में बताया और इसके बाद मंदिर प्रशासन तक बात पहुंची। दीवार मिलने के बाद खुदाई का काम रोक दिया गया है। मौके पर पहुंचे मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद शंकर व्यास ने मंदिर में खुदाई के दौरान प्राचीन दीवार मिलने की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि मुगलकाल में मंदिर को नष्ट किया गया था और बाद में मराठा शासकों के समय मंदिर का फिर से निर्माण कराया गया था। अंदेशा है कि जब मंदिर को ध्वस्त किया गया था तब मंदिर का प्राचीन हिस्सा जमीन में दबा रह गया होगा और बाद में उसी ऊपर नया निर्माण हो गया होगा। अवशेष किस काल का है और दीवार पर किस तरह की शिल्प है इसके बारे में पुरातत्व विभाग ही कुछ बता सकता है। पुरातत्व विभाग को मंदिर के आसपास खुदाई करानी चाहिए।