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महाकालेश्वर मंदिर में सावन सी भीड़
गुजरात के श्रद्धालुओं की संख्या अधिक
उज्जैन।महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों सावन सी भीड़ पहुंच रही है। दर्शनों के लिये मंदिर आने वाले लोगों में गुजरात, महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है, जबकि अन्य शहरों के लोगों की संख्या सामान्य है।
दीपावली पर्व के बाद गुजरात के लोग एक सप्ताह तक छुट्टियां मनाते हैं और पर्यटन व देव दर्शनों के लिये परिवार सहित जाते हैं। यही कारण है कि दीपावली के बाद गुजरात से महाकालेश्वर दर्शनों के लिये बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। अनेक लोग ट्रेन व बसों से तो अधिकांश अपने निजी कार व टैक्सी से आ रहे हैं। कार्तिक मास में सावन सा नजारा महाकाल मंदिर में दिख रहा है। गुजरात के अलावा महाराष्ट्र व राजस्थान के श्रद्धालुओं की संख्या भी अधिक होने से सामान्य दर्शनार्थियों को लाइन में लगर दर्शनों में 30 मिनिट से अधिक समय लग रहा है।
कार्तिक मास की पहली सवारी कल
कार्तिक मास में निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की 8 नवंबर को निकलेगी। मंदिर समिति से मिली जानकारी के मुताबिक कार्तिक-अगहन की दो-दो सवारियां निकलेंगी और 17 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर हरिहर मिलने की सवारी भी निकाली जाएगी। सवारी छोटे रूट पर ही निकलेगी जिसमें कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया जायेगा। महाकाल मंदिर से सवारी शुरू होकर बड़ा गणेश के सामने से हरसिद्धी चौराहा, नृसिंहघाट रोड़ से रामघाट जाएगी और रामानुजकोट से हरसिद्धी चौराहा होकर महाकाल मंदिर पहुंचेगी।
प्रसाद बिक्री भी बढ़ी
देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में महाकाल मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के लड्डू प्रसाद काउंटरों से बड़ी मात्रा में प्रसाद की खरीदी भी की जा रही है। प्रसाद के लिये सावन माह में काउंटरों के बाहर लाइन लगती थी उसी तरह कार्तिक मास में भी लाइन लग रही है।