- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
महाकाल की धरती पर उतरेगी शिव महापुराण
11 से 28 फीट ऊंची प्रतिमाएं करेंगी भक्तों को आकर्षित, स्मार्ट सिटी की मृदा योजना में 15 करोड़ की लागत से तैयार हो रही प्रतिमाएं, महाकाल के रूद्रसागर कोरिडोर में होंगी स्थापित
उज्जैन. बाबा महाकाल की पावन धरा पर शिव पुराण पर आधारित करीब 200 से अधिक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। बहुत जल्द ये महाकाल मंदिर के पीछे रूद्रसागर के कोरिडोर में लगी हुई नजर आएंगी। इसके लिए सूरत गुजरात से आए करीब 30 कलाकार दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
करीब 15 करोड़ की लागत
स्मार्ट सिटी की मृदा योजनांतर्गत करीब 15 करोड़ की लागत से सप्त ऋषि, गणेश तथा शिव पुराण पर आधारित अनेक प्रसंगों को दर्शाने वाली प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। ये प्रतिमाएं महाकाल मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेंगी। करीब 200 प्रतिमाओं के अलावा यहां 108 पिलर भी स्थापित किए जाएंगे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
महाकाल मंदिर प्रशासक एसएस रावत के अनुसार महाकाल के दर्शन के साथ-साथ शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर शशांक मिश्र और स्मार्ट सिटी के मृदा योजनांतर्गत यह कार्य किया जा रहा है। शहर को पर्यटन हब बनाने और देशभर में इसका बेहतर संदेश पहुंचाने के लिए मंदिर व रूद्रसागर के आसपास का क्षेत्र सुंदर नजर आएगा।
फाइबर से तैयार हो रही प्रतिमाएं
सूरत से आए कलाकार विजय पड़वल ने बताया फाइबर द्वारा प्रतिमाओं को तैयार किया जा रहा है। करीब 11 से 28 फीट ऊंची प्रतिमाओं का निर्माण ३५ कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। 2 माह से ये प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं, अभी 5 माह का समय और लगेगा।