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महाकाल की सवारी के लिए नया रथ तैयार, लकड़ी पर आकर्षक नक्काशी; इस साल श्रावण-भादौ में 10 सवारियां निकलेंगी
श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में इस बार आकर्षक नक्काशी कर तैयार किए गए लकड़ी के रथ पर निकाली जाएगी। मंदिर प्रबंध समिति ने दानदाताओं के सहयोग से तीन रथ का निर्माण कराया है। एक रथ मंदिर परिसर में पहुंच गया है। इस बार सावन माह अधिक मास होने के कारण बाबा महाकाल की 10 सवारियां निकलेंगी। नए रथ में तीन मुखारबिंद दर्शन देते हुए सवारी में शामिल होंगे।
इस बार 19 साल बाद श्रावण महीने में अधिक मास है। अभी तक सात सवारियों के मान से तो मंदिर समिति के पास मुखारबिंद विराजित करने की व्यवस्था है। इस बार तीन – तीन सवारियों के लिए नए रथ की आवश्यकता बनी हुई थी। इसके लिए मंदिर समिति ने दानदाता के माध्यम से तीन रथ तैयार करवाए हैं। रथ की साइज करीब 6 बाय 9 फीट और उंचाई करीब 10 फीट से अधिक रखी गई है।
मंदिर समिति के पास अभी तक ये व्यवस्था थी
- श्रावण-भादौ मास की सभी सवारियों में भगवान की पालकी शामिल रहती है।
- दूसरी सवारी से एक मुखारविंद हाथी पर विराजित होता है।
- तीसरी सवारी में शिव तांडव स्वरूप गरुड़ रथ पर विराजित होते है।
- चौथी सवारी में भगवान उमा महेश नंदी पर सवार होकर निकलते हैं।
- पांचवीं सवारी में बैलगाड़ी पर होल्कर मुखारविंद, छठी में बैलगाड़ी पर घटाटोप मुखारविंद शामिल होते है।
- शाही सवारी में सप्तधान मुखारविंद होता है।