- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
- महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर: शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला में नजर आए बाबा महाकाल
- बाबा महाकाल की शरण में पहुंचीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में हुईं शामिल
महाकाल की सवारी के लिए नया रथ तैयार, लकड़ी पर आकर्षक नक्काशी; इस साल श्रावण-भादौ में 10 सवारियां निकलेंगी
श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में इस बार आकर्षक नक्काशी कर तैयार किए गए लकड़ी के रथ पर निकाली जाएगी। मंदिर प्रबंध समिति ने दानदाताओं के सहयोग से तीन रथ का निर्माण कराया है। एक रथ मंदिर परिसर में पहुंच गया है। इस बार सावन माह अधिक मास होने के कारण बाबा महाकाल की 10 सवारियां निकलेंगी। नए रथ में तीन मुखारबिंद दर्शन देते हुए सवारी में शामिल होंगे।
इस बार 19 साल बाद श्रावण महीने में अधिक मास है। अभी तक सात सवारियों के मान से तो मंदिर समिति के पास मुखारबिंद विराजित करने की व्यवस्था है। इस बार तीन – तीन सवारियों के लिए नए रथ की आवश्यकता बनी हुई थी। इसके लिए मंदिर समिति ने दानदाता के माध्यम से तीन रथ तैयार करवाए हैं। रथ की साइज करीब 6 बाय 9 फीट और उंचाई करीब 10 फीट से अधिक रखी गई है।
मंदिर समिति के पास अभी तक ये व्यवस्था थी
- श्रावण-भादौ मास की सभी सवारियों में भगवान की पालकी शामिल रहती है।
- दूसरी सवारी से एक मुखारविंद हाथी पर विराजित होता है।
- तीसरी सवारी में शिव तांडव स्वरूप गरुड़ रथ पर विराजित होते है।
- चौथी सवारी में भगवान उमा महेश नंदी पर सवार होकर निकलते हैं।
- पांचवीं सवारी में बैलगाड़ी पर होल्कर मुखारविंद, छठी में बैलगाड़ी पर घटाटोप मुखारविंद शामिल होते है।
- शाही सवारी में सप्तधान मुखारविंद होता है।