- सुबह 4 बजे खुले कपाट: बाबा महाकाल का दूध-दही-घी से अभिषेक, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
- उज्जैन में दहेज प्रथा के खिलाफ मिसाल: दूल्हे ने लौटाए 50 लाख के कैश और सोना, सिर्फ अंगूठी ली
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर खुले चांदी द्वार, बाबा का हुआ पंचामृत अभिषेक
- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
- उज्जैन में भस्म आरती में शामिल हुए बिहार के पूर्व डिप्टी CM विजय सिन्हा: नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन, महाकाल से मांगा आशीर्वाद
महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों को लेना होगी ऑनलाइन प्री-परमिशन
जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में होगा निर्णय
उज्जैन। कोरोना संक्रमण लगातार बढऩे के कारण एक बार फिर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था में बदलाव विचार किया जा रहा है। इसके बाद मंदिर में श्रद्धालुओं में प्रवेश ऑनलाइन प्री बुकिंग पर ही तय समय और संख्या पर ही देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस पर अंतिम निर्णय जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में होगा।
मंदिर की व्यवस्थाओं, दर्शन को लेकर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा महाकाल मंदिर पुजारी-पुरोहित की बैठक आयोजित की गई। इसमें कोविड के बढ़ते संक्रमण, नए वैरिएंट के संदर्भ में महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर में दर्शन का समय सीमित करने और प्री बुकिंग के आधार पर प्रवेश देने की व्यवस्था शुरू करने पर विचार किया गया। इसके बाद प्रस्ताव रखा गया कि मंदिर में दर्शन के लिए समय का निर्धारण कर श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन प्री बुकिंग कराने के साथ कोरोना प्रोटोकॉल के तहत दर्शन व्यवस्था को लागू किया जाए।
महाकाल मंदिर में प्री बुकिंग के बाद ही प्रवेश का अंतिम निर्णय जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक होगा। मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ के अनुसार प्रस्ताव जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में रखा जाएगा। वहां निर्णय के बाद लागू करेंगे। बता दें कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे के बाद बड़े मंदिरों में सीमित समय में प्री बुकिंग के आधार पर ही दर्शन व्यवस्था लागू की गई थी। इससे पहले अप्रैल मई 2021 में आई कोरोना की दूसरी लहर के बाद 28 जून 2021 को महाकाल मंदिर को ऑनलाइन प्री बुकिंग के माध्यम से खोला गया था। श्रद्धालुओं को मार्च 2020 से 21 महीने बाद 5 दिसंबर से बाबा महाकाल को स्पर्श करने और केवल जल अर्पित करने की ही अनुमति दी गई थी।
और यह भी निर्णय
मंदिर के गर्भगृह, नंदीहॉल में आगामी आदेश तक प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए वैक्सीनेशन के दोनों डोज अनिवार्य होगा। मोबाइल में प्रमाण पत्र अथवा नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट आवश्यक होगी।
मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन का कठोरता से पालन किया जाएगा।