- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
महाकाल में पुजारी ने मंदिर कर्मचारी को पीटा
उज्जैन। महाकाल मंदिर में बुधवार तड़के भस्मारती में प्रवेश को लेकर हुए विवाद में एक पुजारी ने मंदिर कर्मचारी को पीट दिया। मामले में महाकाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी वरिष्ठ पुजारी पं. प्रदीप गुरु का पुत्र है। इधर, आरोपी पक्ष ने भी मारपीट का आरोप लगाया है। थाने में शिकायती आवेदन दिया गया है।
घटना सुबह 4.30 बजे की है। पुलिस के अनुसार यश पुजारी अपने कुछ यजमानों को लेकर नैवेद्य द्वार से नंदीहॉल में जा रहा था। इसी दौरान मंदिर कर्मचारी सिद्घार्थ छोकर भी कुछ वीआईपी को लेकर यहां से प्रवेश करने लगा। पहले भीतर जाने को लेकर यश और सिद्घार्थ में कहासुनी हो गई। साथ आए लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया। हालांकि पूजन के बाद परिसर में आने पर दोनों में फिर विवाद हो गया। आरोप है कि पुजारी यश ने सिद्घार्थ के साथ जमकर मारपीट की और अपशब्द कहे। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर में हड़कंप मच गया। तत्काल अफसरों ने घटना की जानकारी ली। सिद्घार्थ की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट और अपशब्द कहने का प्रकरण दर्ज किया है। इधर, पुजारी का कहना है कि मारपीट की शुरुआत मंदिर कर्मचारी ने की थी। बावजूद उसने झूठा प्रकरण भी दर्ज करा दिया। पुलिस को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दिनभर चलते रहे सुलह के प्रयास
आरोपी के पिता पं. प्रदीप गुरु वरिष्ठ पुजारी हैं। देश-दुनिया के उनके नामचीन यजमान हैं। सूत्र बताते हैं कि मामले में दिनभर सुलह के प्रयास भी चलते रहे। हालांकि सुलह नहीं हो पाई। पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया।