- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
मालविका अग्निमित्रम् में शृंगार और प्रेम की अभिव्यक्ति की कलाकारों ने
उज्जैन | कालिदास अकादमी संकुल में संस्कृत नाटकों की शृंखला में मंगलवार शाम आखिरी नाटक मालविका अग्निमित्रम् की प्रस्तुति हुई। शहर के कलाकारों ने कथानक में मौजूद शृंगार और प्रेम की अभिव्यक्ति में अपने कला कौशल का बेहतर इस्तेमाल किया। महाकवि कालिदास की रचना की संस्कृत में प्रस्तुति अंकुर रंगमंच उज्जैन ने की। प्रमुख कलाकारों में सूत्रधार यश भावसार, अग्निमित्र- साहिल खान, विदूषक- आलोक निगम, मालविका- परिधि प्रजापत, धारिणी-मीशा भाटिया, इरावती- खुशी मीणा, कौशिकी- मानसी शर्मा के साथ अन्य कलाकारों की भी भूमिका सराहनीय रही। निर्देशन राजेंद्र चावड़ा का था। दिल्ली के वरिष्ठ रंगकर्मी हफीज खान भी मौजूद थे।