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मावठे की बारिश से मंडी में राखी उपज भीगी, लाखों का नुकसान
उज्जैन | मावठे की बारिश के चलते जनजीवन पर तो बूरा असर हुआ ही है साथ ही कृषि उपज मंडी में खुले में रखा सोयाबीन और सब्जी मंडी में रखा आलू भीग गया। इससे व्यापारियों-किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है।
कृषि उपज मंड में ओमप्रकाश श्रीनिवास ट्रेडर्स तथा अंजनीलाल टे्रडर्स सहित यहां वहां खुले में रखा एक हजार क्विंटल से अधिक सोयाबीन भीग गया। व्यापारी राजेश माहेश्वरी ने बताया कि उन्हें मावठे की बारिश में भीगे सोयाबीन के कारण २ से ३ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मंडी में दुकान छोटी है और खरीदी का माल ज्यादा होने से गाड़ी भरने के लिए खुले में बोरे रखे थे और मावठा आ गया। लगभग ८०० क्विंटल सोयाबीन भीग गई।
इसी प्रकार मंडी में २०० क्विंटल से ज्यादा यहां वहां खुले में रखा सोयाबीन भीगा है। दूसरी तरफ सब्जी मंडी में फड़ से बाहर रखा आलू भीग गया है। धीरज ट्रेडिंग कंपनी के मनोज बाल्दिया ने बताया कि यह भीगा हुआ आलू दो तीन दिन में नहीं बिका तो स्वत: सड़ जाएगा। बारिश के कारण दो ढाई लाख रुपये का आलू भीगा है।
मौसम का बिगड़ा मिजाज तो मंडी सुनसान : मौसम का मिजाज मंगलवार से ही बिगडऩे लगा था। तेज हवा-ठंड और शीत लहर के साथ-साथ मावठे की बारिश हो जाने से किसान सोयाबीन चना आदि की फसल लेकर मंडी नहीं आए। इसी प्रकार सब्जी मंडी में भी आधे से ज्यादा किसान सब्जियां लेकर नहीं आए।
गेहूं-चने के लिए अमृत तो मैथी, बटले, गोभी पर बुरा प्रभाव : जहां मावठे से गेहूं-चने की फसल को आधार मिला है। किसानों को सिंचाई से निजात मिली है। तो वहीं इस मावठे से मैथी, बटले व फूल गोभी की फसल पर विपरीत प्रभाव भी पड़ा है। सुरासा से आए किसान कमल आंजना के अनुसार मावठे से यह फसल खराब होने की संभावना है।