- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: शेषनाग के रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, उमड़ी आस्था!
- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
मौसम बदला, छाये बादल
उज्जैन:करीब 15 दिनों बाद एक बार फिर मौसम में बीती रात से बदलाव आ गया। सुबह से आसमान में बादल छाये हुए हैं और मौसम विभाग द्वारा मावठे की आशंका जताई जा रही है।
30 सितम्बर को मानसून सीजन समाप्त होने के बाद भी करीब एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहा था। लगातार बारिश से परेशान लोगों द्वारा बारिश थमने की कामना की जा रही थी। 7 अक्टूबर के बाद बारिश का दौर थमा और तेज धूप खिलने के साथ लोगों ने राहत की सांस ली थी लेकिन बीती रात से मौसम में एक बार फिर बदलाव आया।
रात से आसमान में बादल छाये हुए थे जो सुबह तक छाये रहे। बादलों के कारण सूर्य नहीं दिखने और अल सुबह छाने वाली धुंध के कारण विजिबिलिटी भी कम हो गई। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण तापमान में बदलाव महसूस किया जा रहा है। बादल छाये रहने के साथ मावठे के आसार भी बन रहे हैं। पिछले दिनों में जहां सुबह व रात में ठण्डक का अहसास हो रहा था, लेकिन तेजी से बदल रहे मौसम के बीच दिन में भी ठण्डक महसूस हो रही है।
3 माह में उतरा दत्त अखाड़ा रपट का पानी
बारिश सीजन के दौरान शिप्रा नदी में बाढ़ आने के बाद दत्त अखाड़ा रपट डूब गई थी। कभी धीमी तो कभी तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहने के कारण छोटा पुल जहां एक माह से अधिक समय तक बाढ़ में डूबा रहा और 10 दिनों पहले ही उसका पानी उतरा था जबकि लगभग 3 माह तक नदी में डूबे रहने के बाद दत्त अखाड़ा रपट का पानी सुबह उतरा, जिसके बाद नगर निगम द्वारा पुल पर जमी काई की सफाई कराई। इसके अलावा घाटों से भी काई निकालने का काम शुरू कराया गया।