- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
- महाकाल मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती, वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद खुले गर्भगृह के पट; शेषनाग मुकुट में सजे बाबा महाकाल!
- स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, महाकाल का हुआ पंचामृत अभिषेक; भांग-चंदन और गुलाब माला से हुआ दिव्य श्रृंगार!
राखी पर धनकारक नक्षत्र, भाई बहन के लिए समृद्धि देने वाला रहेगा त्यौहार
उज्जैन। श्रावणी पूर्णिमा रविवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र की साक्षी में आ रही है। धनिष्ठा पंचक का नक्षत्र है। पूर्णिमा के दिन आने से धार्मिक कार्यों में इसका पांच गुना शुभफल मिलेगा। धर्म शास्त्र में धनिष्ठा नक्षत्र को धनकारक नक्षत्र माना गया है। ज्योतिषियों के अनुसार इस नक्षत्र में राखी का आना बहन भाई दोनों के लिए समृद्घि देने वाला रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया पंचागीय गणना से देखे तो इस बार राखी रविवार के दिन पंचक के नक्षत्र धनिष्ठा में आ रही है। पूर्णिमा तिथि पर पंचक का नक्षत्र विशेष योग कारक होता है। मान्यता अनुसार पर्व काल के लिए यह पांच गुना अधिक शुभफल प्रदान करने वाला माना गया है। क्योंकि पूर्ण तिथि पूर्णिमा पर योग, दिवस तथा नक्षत्र यदि मध्यान पर्यंत हो तो इसकी शुभता और भी बढ़ जाती है। इस दिन शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने से बहन व भाई दोनों को सुख समृद्घि प्राप्त होगी।