- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
राजाधिराज महाकाल ने शिव तांडव स्वरुप में दिए भक्तों को दर्शन
उज्जैन । भगवान के इस स्वरुप को देखने के लिए देशभर से डेढ़ लाख श्रद्धालु उज्जैन शहर में उमड़े। श्रावण मास में निकलने वाली सवारी के क्रम में यह तीसरी सवारी थी। जिसमें भगवान हाथी पर मन महेश, चांदी की पालकी में चंद्रमोलेश्वर और रथ पर शिव तांडव रुप में भक्तों के बीच पहुंचे। ठाठ बांट के साथ ठीक ४ बजे मंदिर से भगवान की पालकी बाहर निकली जहां संशस्त्र बल ने राजा को सलामी दी।
पालकी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी शामिल हुए जो सवारी के आगे छांछ मंजीरा बजाते हुए चल रहे थे। साथ ही इस बार राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी भगवान की सवारी में शामिल हुई। सवारी ठीक ५ शिप्रा नदी पहुंची यहां भगवान का शिप्रा के जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद सवारी कार्तिक चौक, ढाबारोड, दानी गेट होती हुई, गोपाल मंदिर पहुंची। जहां भगवान की आरती के बाद सवारी फिर से महाकाल मंदिर के लिए रवाना हुई। सवारी ठीक ७.३० बजे महाकाल मंदिर पहुंची। सवारी में इस बार देशभर से डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु उमड़े थे। जिसको लेकर प्रशासन के सामने क्राउड मैनेजमेंट की चुनौती रही।