रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और परिसर गंदगी से पटे

सफाईकर्मी बोले डेढ़ माह से नहीं मिला वेतन

उज्जैन। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और परिसर शनिवार को गंदगी से पटे थे। जहां तहां खाने की प्लेटें और डिस्पोजल पड़े थे। गंदगी के बीच यात्रियों को बैठना और आवागमन करना मुश्किल हो रहा था। इसके पीछे कारण था कि स्टेशन के सफाईकर्मियों ने वेतन नहीं मिलने के कारण काम बंद कर दिया था। उनका आरोप था कि ठेकेदार द्वारा शोषण किया जा रहा है।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म, परिसर व अन्य स्थानों की सफाई करने वाले कर्मचारी विमल, रोहित, शहनाज, रानी आदि ने बताया कि पिछले डेढ़ माह से ठेकेदार ने वेतन नहीं दिया है जिससे परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो रहा है।

सुपरवाइजर या ठेकेदार से रुपयों की मांग करते हैं तो नौकरी से निकालने की धमकी देता है। एक शिफ्ट में 40 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 8-8 घंटों की शिफ्ट में करीब 120 महिला-पुरुष सफाईकर्मी काम करते हैं। वेतन नहीं मिलने के कारण आज स्टेशन पर सफाई कार्य बंद कर दिया गया है।

3500 रु. वेतन, 8 घंटे ड्यूटी

सफाईकर्मियों ने बताया 3500 रुपये प्रतिमाह वेतन ठेकेदार द्वारा दिया जाता है। स्टेशन पर अलग-अलग शिफ्ट में 100 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं लेकिन उनका ईपीएफ भी नहीं काटा जाता। वेतन समय पर नहीं देते और मांग करो तो नौकरी से हटाने की धमकी भी दी जाती है।

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