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वर्षों के बाद….कार्तिक मेले में 650 दुकानें लगेंगी…
दुकानों और झूलों का आवंटन लॉटरी से
दुकानों की साइज पिछली बार से एक फीट कम, दलाल हुए सक्रिय
उज्जैन।दो वर्षों बाद शिप्रा नदी के किनारे आयोजित हो रहे कार्तिक मेले का ले आउट इस वर्ष बिल्कुल नया रहने वाला है। पूर्व के स्थानों पर लगने वाला फूड झोन अलग जगह तो झूले, मौत का कुआं भी अलग जगह पर लगा नजर आयेगा। खास बात यह कि नगर निगम द्वारा दुकानों के साथ झूलों के स्थान का आवंटन लाटरी पद्धति से किया जा रहा है और दुकानों की साइज पिछली बार से एक फीट कम कर दी गई है। दुकान आवंटन प्रक्रिया को लेकर दलाल भी सक्रिय हो चुके हैं।
नगर निगम अफसरों ने बताया कि कार्तिक मेला ग्राउण्ड का समतलीकरण और सीसी सड़क के साथ दुकानों के लिये कच्चा स्थान निर्धारित कर दिया गया था। मेले में मीना बाजार, स्पोर्ट्स सामान, फूड जोन, झूले, मौत का कुआं आदि का स्थान निर्धारित कर दिया गया है। इस वर्ष मेले में 8 बाय 10 साइज में कुल 650 दुकानें लगाई जा रही हैं एक दुकान की कीमत 1500 रुपये निर्धारित है।
पिछली बार दुकानें 1242 रुपये में दी गई थीं। कार्तिक मेले में अधिकांश व्यापारी परंपरागत तरीके से अपनी दुकानें एक ही स्थान पर लगाते आये हैं जिसको लेकर रविवार को दुकान आवंटन और सीमांकन के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। झूले वालों ने लॉटरी पद्धति का विरोध किया वहीं दलालों ने दुकान की साइज को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। विवाद की स्थिति निर्मित होने पर निगम अफसरों ने मेले में झूले, दुकानें लाटरी पद्धति से आवंटित करने का निर्णय लिया।
जिसकी जहां लाटरी वहीं लगाए अपनी दुकान
निगम सूत्रों ने बताया कि कार्तिक मेले में दलालों द्वारा एक से अधिक दुकानों को अपने कब्जे में किया जाता है और बाहर से आने वाले दुकानदारों को यही दुकानें मनमानी कीमत पर दे दी जाती है। निगम आयुक्त यदि मेले में दुकान लगाने वालों के नाम की पर्ची और दुकानदार का मिलान करवायें तो कालाबाजारी पर रोक लग सकती है। निगम अफसरों का कहना है कि कार्तिक मेले में दुकानों की कालाबाजारी नहीं होने दी जायेगी।