- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
विक्रम विवि:14 कोर्स की 24 हजार से ज्यादा मार्कशीट ही गलत छाप दी
विक्रम विश्वविद्यालय की लापरवाही का एक ओर मामला सामने आया है। इस बार 14 कोर्स की 24 हजार से अधिक मार्कशीट ही गलत छाप दी हैं। रिजल्ट प्रोसेसिंग करने वाली कंपनी द्वारा इन मार्कशीटों को तैयार किया जाता है। मार्कशीट से विक्रम की ए-ग्रेड को ही हटा दिया गया। जबकि अभी नैक की ए-ग्रेड की अवधि बाकी है। हैरानी वाली बात यह है कि विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी इन गलत मार्कशीटों पर ध्यान नहीं दिया और कई कॉलेजों को गलत प्रिंट हुई अंकसूचियां ही वितरण के लिए भेज दी गई। नैक से विक्रम विश्वविद्यालय को पांच वर्ष के लिए ए-ग्रेड हासिल हुई थी। इसकी अवधि इस वर्ष नवंबर में समाप्त होना है। विवि को ग्रेड प्राप्त होने के बाद वितरित की जाने वाली अंकसूचियों में भी ए-ग्रेड प्रिंट किया जाता रहा है। विद्यार्थियों को जॉब, अन्यत्र विश्वविद्यालयों या विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए इसका फायदा मिलता है। विश्वविद्यालय में हाल ही में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की एटीकेटी, पूर्व विद्यार्थी, प्राइवेट और रेगुलर की मार्कशीटें छप कर आई हैं। जिसमें से ए-ग्रेड को ही हटा दिया गया। 14 कोर्स की ऐसी 24 हजार 366 मार्कशीटें छपवाई हैं। बीए, बीएससी, बीकॉम सहित कई पाठ्यक्रमों की मार्कशीटें कई कॉलेजों को भेज दी है। विश्वविद्यालय में रिजल्ट प्रोसेसिंग का काम इंदौर की ओसवाल कंपनी द्वारा किया जाता है। इस कंपनी ने इसी साल एमबीए के दो सेमेस्टर का रिजल्ट भी गलत जारी कर दिया था।