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विद्यार्थियों को डिजिटल अंकसूची देगा विक्रम विवि, हर कॉलेज में एक नोडल अफसर बनाया
विक्रम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की अंकसूची डिजिटलाइज्ड की जाएगी। इससे विदेश या विश्वविद्यालय से दूर रहने वाले विद्यार्थियों को वैरिफिकेशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू किया जाएगा। यह निर्णय विक्रम विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक मंगलवार को रखी गई। अध्यक्षता कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय ने की।
कुलपति ने कहा विक्रम विश्वविद्यालय में आचार्य विद्यासागर पीठ एवं शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। इसके लिए अभा जैन ज्ञानोदय शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति से पत्र मिला था। साथ ही दूरदराज के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हर कॉलेज में एक नोडल अफसर बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को छोटे छोटे काम के लिए विश्वविद्यालय आने की जरूरत नहीं होगी।
नैक के लिए यह तैयारी
नैक के लिए तैयारी की गई। इसके तहत विश्वविद्यालय की विविध नीतियों, आईटी नीति, पर्यावरण नीति, जेंडर नीति को अंगीकृत किया जाएगा। कोरोना के कारण नैक मूल्यांकन पहले ही पिछड़ चुका है। शारीरिक शिक्षा एवं खेल तदर्थ अध्ययन मंडल की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार एमपीईएस पाठ्यक्रम सामान्य नियमों के साथ शुरू किया जाएगा। बैठक में डॉ. लक्ष्मीनारायण शर्मा, डॉ. दीपिका गुप्ता, डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. पीके वर्मा, डॉ. दिनेश कुमार सोनी, डॉ. नरेंद्र जैन आदि मौजूद थे।