- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- 13 साल बाद बने दुर्लभ संयोग में उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; शनि मंदिर में स्नान के बाद कर रहे दान-पुण्य
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
विशेष बैठकें:विक्रम विश्वविद्यालय में 13 से 15 तक नैक दल का निरीक्षण, रिपोर्ट से तय होगी ग्रेड
- तैयारियों के लिए बाह्य विशेषज्ञों की मॉक टीम के साथ शुरू हुई विशेष बैठकें
- बैठक में कुलपति ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला देश-प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय है
विक्रम विश्वविद्यालय में अक्टूबर में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) का दल निरीक्षण के लिए आएगा। 13 से 15 अक्टूबर तक नैक की पीयर टीम द्वारा विश्वविद्यालय में निरीक्षण किया जाएगा। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही विक्रम विश्वविद्यालय की ग्रेड तय होगी। इधर नैक की तैयारियों को लेकर गठित बाह्य विशेषज्ञों की मॉक टीम के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और शिक्षकों की विशेष बैठकें गुरुवार को विश्वविद्यालय में हुई। सभी बैठकें कुलपति प्रो. अखिलेशकुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में कुलपति ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला देश-प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय है। हाल के वर्षों में सभी क्षेत्रों में विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं, जिन्हें नैक के दौरे के समय सामने लाएं। बाह्य विशेषज्ञ के रूप में प्रो. नरेंद्रभाई चोटालिया (गुजरात) एवं उच्च शिक्षा विभाग के उज्जैन संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. अर्पण भारद्वाज ने संबोधित किया। बैठकों के दौरान नैक के विभिन्न प्रतिमानों को लेकर विभिन्न संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं अधिकारीगण के साथ मंथन किया गया। बाह्य विशेषज्ञों की यह बैठक सुबह 11 बजे कार्यपरिषद कक्ष में और दोपहर 3 बजे शलाका दीर्घा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।