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शनिश्चरी अमावस्या और पंचक्रोशी यात्रा समापन का संयोग
उज्जैन। पंचक्रोशी यात्रा के बाद अष्टतीर्थ यात्रा का समापन और आज शनिश्चरी अमावस्या के दुर्लभ संयोग में हजारों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी घाट पहुंचकर आस्था का स्नान करने के बाद शनिदेव का पूजन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। नदी में पानी अधिक होने के कारण लोगों को फव्वारों में स्नान की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई, साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा मंदिर पहुंचने के लिये कतार में लगे श्रद्धालुओं को शीतल जल की व्यवस्था भी की गई। जिसकी लोगों ने प्रशंसा की।
धर्म और आस्था की पंचक्रोशी यात्रा में शामिल हजारों लोगों का कल शहर में आगमन हुआ जिसके बाद लोगों ने भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचकर बल लौटाने के बाद शिप्रा स्नान और कर्कराज मंदिर से अष्टतीर्थ यात्रा प्रारंभ की। सुबह तक सभी लोग यात्रा पूर्ण होने के बाद त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर पहुंचे। यहां नदी में पानी अधिक होने के कारण प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये फव्वारें लगाए गये थे और महिला व पुरुषों के स्नान की अलग-अलग व्यवस्था करने के साथ कपड़े बदलने के लिये अस्थायी शेड भी लगाये गये हैं।
पुराने पुल से आवागमन
इस बार पुलिस द्वारा निजी वाहनों से त्रिवेणी शनि मंदिर जाने वाले लोगों को पुराने पुल से भेजा गया और पुल पार करने के बाद खेत में वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई जिससे नये पुल से इंदौर की तरफ आने-जाने वाले वाहनों का जाम नहीं लगा और पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
ऐसी रही प्रशासन की व्यवस्था
त्रिवेणी घाट और शनि मंदिर पर लोगों की सुविधा के लिये प्रशासन द्वारा बेरिकेड्स के माध्यम से घाट तक पहुंचने और नहान के बाद पुन: बेरिकेड्स में होकर मंदिर तक पहुंचने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा कलापथक के लोगों द्वारा माइक पर भजनों की प्रस्तुति दी जा रही थी। पुलिस द्वारा वाहन पार्किंग से लेकर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था संभाली गई इसके अलावा होमगार्ड की प्रशिक्षु सैनिकों द्वारा घाट पर नहान की भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा था। उज्जयिनी सेवा समिति द्वारा बेरिकेड्स की कतार में लगे श्रद्धालुओं को ठंडा जल पिलाया गया वहीं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिये भंडारों का आयोजन भी किया गया।
दर्शन पूजन के बाद छोड़ी कपड़े
शनिश्चरी अमावस्या का स्नान करने पहुंचे लोगों ने घाट पर स्नान के बाद पुराने कपड़े और जूते-चप्पल भी वहीं छोड़ दिये। नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी बी.एस. मेहते ने बताया कि नगर निगम के सफाईकर्मी घाटों पर तैनात हैं और लोगों द्वारा छोड़े गये कपड़े व जूते चप्पल हटाने का काम जारी है।