- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
शाही सवारी आज, तीन लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान
उज्जैन | भगवान महाकाल की सोमवार को श्रावण-भादौ मास की आखिरी आैर शाही सवारी निकलेगी। तीन साल बाद इस बार शाही सवारी के दिन ही सोमवती अमावस्या का भी संयोग है। स्नान के लिए रविवार की रात 12 बजे तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु रामघाट पर पहुंच गए थे। प्रशासन का अनुमान है कि स्नान और शाही सवारी के लिए सोमवार को शहर में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु जुटेंगे। इंतजाम भी इसी के मुताबिक किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए भी अितरिक्त बल तैनात रहेगा। महाकाल मंदिर के सभामंडप में पूजन-अर्चन के बाद शाम 4 बजे मंदिर से सवारी शुरू होगी तथा रामघाट पर पूजन के बाद शिप्रा के जल से भगवान का जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया जाएगा। रामघाट से विभिन्न मार्गों से होते हुए पालकी रात 10 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद शयन आरती होगी।