- उज्जैन में युवती पर बीच सड़क जानलेवा हमला: पहले पीछा करने की शिकायत, कार्रवाई न होने के 11 दिन बाद आरोपी ने किए 14 चाकू के वार
- उज्जैन पहुंचे दिग्विजय सिंह, राम मंदिर ट्रस्ट पर साधा निशाना: चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग, कांग्रेस चलाएगी जनजागरण अभियान
- उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर बड़ी कार्यशाला, सीएम मोहन यादव बोले- 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए हर स्तर पर हों पुख्ता इंतजाम
- महाकाल मंदिर में शनिवार की भस्म आरती, राजा स्वरूप में भक्तों को दिए दिव्य दर्शन
- Ujjain Blast Case: बड़नगर विस्फोट मामले में ATS की एंट्री, फोरेंसिक जांच के बीच क्रेन मालिक का बयान आया सामने
शिप्रा में ये सेल्फी जोखिम भरी है… क्योंकि यहां 10 फीट तक पानी है…सालभर में 43 लोगों की गई जान
उज्जैन । शिप्रा किनारे घूमने आए लोग पुल और घाटों के किनारों पर खड़े होकर सेल्फी लेते हैं। इस कारण यहां हादसे की आशंका बनी रहती है। मंगलवार को भी घाटों और पुलों पर यह नजारे दिखाई दिए। रिमझिम के बाद खुले मौसम को देख लोग रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट पहंुचे। बीच की रपट और नौका विहार कर रहे लोग भी सेल्फी लेते दिखे। होमगार्ड की प्लाटून कमांडेंट रूबी यादव के अनुसार एक साल में 43 लोग डूब चुके हैं। जुलाई में ही 8 की मौत हुई है।
इसलिए भी है खतरनाक
केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने 25 दिन पहले कहा था- सेल्फी से ही ज्यादतर दुर्घटनाएं हो रही हैं। नागपुर में दो दिन पहले सेल्फी लेने के चक्कर नाव डूबने से 8 की मौत हो चुकी है।