- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
सज गया महाकल का दरबार, रोज होंगे अनूठे श्रृंगार
Ujjain News: शिव नवरात्रि महापर्व प्रारंभ, भगवान महाकाल बने दूल्हा, नए वस्त्र धारण कर किया शृंगार
उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व से पहले महाकाल मंदिर में नौ दिन चलने वाला शिवनवरात्रि उत्सव गुरुवार से प्रारंभ हुआ। पहले दिन भगवान महाकाल को हल्दी, चंदन और उबटन लगाया, नए वस्त्र धारण कर शृंगारित किया। इसके बाद 11 ब्राह्मणों ने रूद्राभिषेक प्रारंभ किया।
महाशिवरात्रि के नौ दिन पूर्व शिव नवरात्रि उत्सव मनाए जाने की परंपरा है।प्रथम दिन नैवेद्य कक्ष में श्रीचन्द्रमौलेश्वर भगवान की पूजा, कोटितीर्थ स्थित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन करने के साथ सुबह 9.30 बजे गर्भगृह में मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व तथा अन्य 11 ब्राह्मणों द्वारा सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना के साथ रूद्राभिषेक प्रारंभ किया गया।
दो दिन के लिए भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग रहेगी बंद
महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर भस्म आरती की ऑनलाइन अनुमति नहीं रहेगी। ऑनलाइन बुकिंग 21 एवं 22 फरवरी को बंद रहेगी। शिवरात्रि उत्सव की शुरुआत 13 फरवरी से हो गई है। नौ दिन तक उपासना, तपस्या एवं साधना के लिए शिव नवरात्रि महापर्व मनाया जाता है। इन नौ दिनों तक भगवान श्री महाकाल अपने भक्तों को अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देकर उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
आज होगा शेषनाग शृंगार
पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि शिव नवरात्रि उत्सव के दूसरे दिन 14 फरवरी को भगवान श्री महाकाल का शेषनाग श्रृंगार कर उन्हें कटरा, मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंडमाल, छत्र आदि से श्रृंगारित किया जाएगा। तीसरे दिन शनिवार 15 फरवरी को घटाटोप, 16 को छबिना श्रृंगार, 17 को होल्कर श्रृंगार, 18 को मनमहेश श्रृंगार, 19 को उमामहेश श्रृंगार, 20 को शिवतांडव श्रृंगार किया जाएगी। उत्सव के नौवे दिन 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल को जलधारा चढ़ाई जाएगी। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन 22 फरवरी को सप्तधान से श्रृंगारित किया जाएगा। इसी दिन मन्दिर प्रबंध समिति की ओर से ब्राह्मणों को पारणा भोजन कराया जाएगा।