- सप्तसागर विकास को गति देने के निर्देश: निगम आयुक्त ने चार प्रमुख जलाशयों का किया निरीक्षण, गहरीकरण-सौंदर्यीकरण पर जोर
- महाकाल मंदिर परिसर के पास खुदाई में मिला शिवलिंग: निर्माण कार्य रोका गया, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- भोर में खुले महाकाल के पट: जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत आभूषणों में सजे बाबा
- 8 साल बाद जेष्ठ में अधिकमास का दुर्लभ संयोग: 17 मई से 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद, धार्मिक साधना, दान-पुण्य और तीर्थ के लिए श्रेष्ठ समय
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत से अभिषेक; शेषनाग मुकुट में दिए भगवान ने दर्शन
सप्तसागर यात्रा और दान
- रूद्र सागर: हरसिद्धि पाल पर स्थान है। नमक और नंदी (बैल) की मूर्ति का दान है।
- पुष्कर सागर: नलिया बाखल में कुण्ड है, पीला वस्त्र, चना दाल व स्वर्ण का दान है।
- क्षीर सागर: नई सड़क पर तालाब है, साबूदाने की खीर और पात्र का दान है।
- गोवर्धन सागर: निकास चैराहे के पास तालाब है। माखन मिश्री, पात्र में गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र तथा पुरूष के वस्त्र को दान है।
- रत्नाकर सागर: ओंडासा गाँव में तालाब है। पंचरत्न, स्त्री के श्रृंगार की वस्तुएँ तथा स्त्री के वस्त्रों का दान।
- विष्णु सागर: अंकपात राम लक्ष्मण मंदिर के पीछे सागर पर विष्णु की मूर्ति, पूजन के पंच पात्र का दान है।
- पुरुषोत्तम सागर: अंकपात दरवाजे के पास का तालाब, इसे सोलह सागर भी कहते हैं। यहाँ चालनी में मालपुआ का दान होता है।