- 40° के पार तापमान, फिर भी नहीं थमी आस्था: महाकाल में रोज 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु; पहली बार महाकाल लोक में शुरू हुआ फोगिंग सिस्टम
- उज्जैन की 5 माह की बच्ची SMA-1 से जूझ रही: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ; भोपाल एम्स में चल रहा इलाज
- 15 साल पहले खत्म हो चुकी थी लीज; हाईकोर्ट से स्टे हटते ही UDA का एक्शन, बेगमबाग में 5 मकान तोड़े; अब तक 30 से ज्यादा निर्माण हटाए जा चुके
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत अभिषेक के बाद पुष्पों से दिव्य श्रृंगार
- सप्तसागर विकास को गति देने के निर्देश: निगम आयुक्त ने चार प्रमुख जलाशयों का किया निरीक्षण, गहरीकरण-सौंदर्यीकरण पर जोर
सुपर स्प्रेड पॉइंट ना बन जाए माधवनगर की ओपीडी
मरीजों के साथ परिजन भी आते हैं,जोकि कहीं न कहीं कोरोना पॉजिटिव के सम्पर्क में आने के चलते संक्रमित होने का खतरा उठाते हैं। इस ओर न तो जिला प्रशासन का ध्यान है और न ही हॉस्पिटल प्रशासन का। डॉक्टर्स का कहना है कि कुछ प्रतिशत अच्छे लोग भी यहां मरीज के साथ आने के बाद संक्रमित होते ही होंगे। क्योंकि लोग एक दूसरे से सटकर, मुंह के करीब आकर भीड़ लगाते हैं, जिन्हे कोई रोकता-टोकता नहीं है।
हॉस्पिटल में काम करने वाले डॉक्टर्स और कर्मचारियों का कलेक्टर को सुझाव है कि परिसर में टेंट लगाकर काउंसलिंग की टेबल्स एवं पंजीयन पर्ची बनवाने की व्यवस्था की जाए। परिसर बड़ा होने के कारण लोग तय गोले में दूरी पर खड़े रहेंगे। ऐसा होने से अंदर ओपीडी में अस्थायी वार्ड बनाया गया है, पेरा मेडिकल स्टॉफ को काम करने की सुविधा रहेगी तथा हर किसी की एंट्री बंद हो जाएगी।