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सौर ऊर्जा के लिए जागरूकता: एक करोड़ घरों को खुद की बिजली बनाना सिखाएंगे
11 मीटर लंबी बस। एक मीटिंग रूम, किचन, वाशरूम व ट्रेनिंग रूम। साथ ही 360 वर्ग फीट का एरिया। इसमें टीवी, कूलर, एसी, वॉशिंग मशीन सहित अन्य घरेलू उपयोग का इलेक्ट्रॉनिक सामान, जो सौर ऊर्जा से चलेंगे। 11 साल तक यही रहेगी डॉ. चेतन सोलंकी की दुनिया।
चार सदस्यीय दल के साथ वे 50 देशों की यात्रा करेंगे। मकसद है लोगों को सौर ऊर्जा के लिए जागरूक करना। बिजली बिल में 100 फीसदी कटौती करना। रविवार को वे उज्जैन आए। भास्कर से चर्चा में उन्होंने यात्रा और आगे के लक्ष्य को साझा किया।
खरगोन जिले के नेमित गांव के डाॅॅ. सोलंकी ने मुंबई से आईआईटी की। चाहते थे गांव में प्लास्टिक के जूते-चप्पल का कारखाना डालें। पिताजी से कहा- डेढ़ लाख रुपए का बैंक लोन दिलवा दें। जूते-चप्पल की बात सुनकर पिताजी ने जमकर पिटाई कर दी।
इसके बाद उसे भूल बेल्जियम से पीएचडी की लेकिन मन तो गांव में रचा-बसा था। पढ़ाई पूरी कर लौटे तो देखा गांव में अब भी पर्याप्त रोशनी नहीं है। तब ही ठान लिया कि अब गांव, शहर सभी जगह रोशनी तो होगी लेकिन इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं चुकाना होगा। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यात्रा शुरू की। यह यात्रा दो लाख किमी की रहेगी।
आईआईटी में प्रोफेसर थे, इस काम के लिए नौकरी छोड़ी
11 साल में एक करोड़ घरों में सौर ऊर्जा से खुद की बिजली बनाने का लक्ष्य लेकर निकाले डॉ. सोलंकी सोलर मैन के रूप में ख्यात हैं। वे 10 करोड़ लोगों को सौर ऊर्जा के उपयोग का प्रशिक्षण भी देंगे। आईआईटी मुंबई में प्रोफेसर रहे डॉ. सोलंकी ने इस काम के लिए नौकरी छोड़ दी है। वे 30 देशों की यात्राएं कर चुके हैं। उनकी एक संस्था एनर्जी स्वराज फाउंडेशन है।
यात्रा प्रदेश के कई जिलों से होकर महाराष्ट्र के वर्धा, नागपुर सहित पूरे देश में जाएगी। यात्रा का खर्च एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के सहयोग और उन्हें मिली पुरस्कार राशि से होगा।
एक ही दिन में 9.25 लाख बच्चों को सिखाया सोलर लैंप बनाना :
सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने के लिए डॉ. सोलंकी ने महात्मा गांधी की जयंती पर एक ही दिन में 9.25 लाख बच्चों को सोलर लैंप बनाना सिखाया। उनका कहना है कि वे 9 राज्यों के 40 हजार गांवों में 10 हजार महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 85 लाख सोलर लैंप बनवाए।
चार महीने में महाकाल में 100% सौर ऊर्जा का लक्ष्य
चार महीने में महाकाल मंदिर में 100 फीसदी सौर ऊर्जा का लक्ष्य है। सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने के लिए एनर्जी स्वराज के बैनर तले शहर पहुंचे साेलर मैन डॉ. चेतन सोलंकी से यह बात मंदिर की व्यवस्थाएं दे रहे अफसरों ने कही। डॉ सोलंकी ने स्टाफ को बारीकियां समझाई। मंदिर के इंजीनियर प्रेम सिंह ने बताया 20, 40 व 35 किलोवॉट के सोलर पावर प्लांट मंदिर में स्थापित किए हैं।